महत्व
अमावस्या (अमावस) मुख्यतः पितरों को समर्पित है। इस दिन किए तर्पण एवं श्राद्ध पितरों को शांति एवं परिवार को उनका आशीर्वाद देने वाले माने जाते हैं।
कुछ अमावस्याएं — मौनी, सोमवती, महालया, दीवाली (लक्ष्मी पूजा) — विशेष महत्व रखती हैं।
विधि
भक्त पितृ तर्पण एवं श्राद्ध करते, स्नान करते, पितरों के नाम दान देते तथा शिव एवं काली की पूजा करते हैं। यह आत्मचिंतन का दिन है; शुभ नए कार्य प्रायः टाले जाते हैं।
वर्ष भर की अमावस्या
ऊपर चयनित वर्ष की प्रत्येक अमावस्या उसके मास सहित दी है। तिथियाँ देखने हेतु वर्ष चुनें।