होरा क्या है?
होरा दिन को 24 ग्रह-घंटों में बाँटती है — 12 सूर्योदय से सूर्यास्त तक और 12 सूर्यास्त से सूर्योदय तक। प्रत्येक होरा का स्वामी सात ग्रहों में से एक होता है (कैल्डियन क्रम में सूर्य, शुक्र, बुध, चंद्र, शनि, गुरु, मंगल), और दिन की पहली होरा उस ग्रह की होती है जो उस वार का स्वामी है। अपने कार्य के अनुकूल ग्रह की होरा चुनना एक सरल एवं प्रभावी मुहूर्त है।
किस ग्रह की होरा किसके लिए
- सूर्य — राजकीय एवं अधिकार कार्य, न्यायालय।
- चंद्र — यात्रा, संपत्ति, परिवार, जल संबंधी कार्य।
- मंगल — भूमि, मशीनरी, विवाद, शल्य।
- बुध — व्यापार, अध्ययन, लेखन, संचार।
- गुरु — शुभ एवं धार्मिक कार्य, शिक्षा, वित्त।
- शुक्र — विवाह, कला, विलासिता, संबंध।
- शनि — श्रम, लोहा/भूमि, दीर्घकालिक कार्य।
गुरु, शुक्र और बुध की होरा नए कार्यों हेतु प्रायः सर्वाधिक शुभ हैं; चंद्र होरा यात्रा हेतु अच्छी है; सूर्य, मंगल और शनि की होरा अपने विशिष्ट कार्यों हेतु उपयुक्त हैं।
दिन एवं रात्रि होरा
प्रत्येक होरा लगभग एक घंटे की होती है पर आपके स्थान पर दिन/रात की लंबाई से बदलती है। क्रम हर सात घंटे में दोहराता है, और यही पैटर्न शास्त्रीय ज्योतिष में वार के स्वामी ग्रह को तय करता है।
होरा का उपयोग
अपने कार्य के अनुकूल ग्रह की होरा चुनें, जो राहु काल से मुक्त हो। दिन के व्यापक शुभ-अशुभ हेतु चौघड़िया देखें।