महत्व
अनंत चतुर्दशी भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप को समर्पित है। भक्त चौदह गांठों वाला पवित्र अनंत सूत्र बांधकर रक्षा एवं कष्ट-निवारण की प्रार्थना करते हैं।
यह गणेशोत्सव का दसवां एवं अंतिम दिन भी है, जब गणेश प्रतिमाओं को भव्य विदाई दी जाती है।
विधि
विष्णु की पूजा कर चौदह दिन के व्रत के पश्चात अनंत सूत्र भुजा पर बांधा जाता है। महाराष्ट्र आदि में विशाल शोभायात्राओं में गणेश प्रतिमाओं का जल में विसर्जन होता है।
तिथि कैसे तय होती है
अनंत चतुर्दशी भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी को, गणेश चतुर्थी के दस दिन पश्चात पड़ती है।