महत्व
बैसाखी पंजाबी फसल पर्व है और सिखों के लिए पवित्रतम दिनों में एक — 1699 में गुरु गोबिंद सिंह द्वारा खालसा पंथ की स्थापना का स्मरण। यह कई क्षेत्रों में सौर नववर्ष भी है।
किसानों के लिए यह पकी रबी फसल का आनंदमय धन्यवाद है।
विधि
सिख गुरुद्वारे जाते, नगर कीर्तन एवं लंगर में सम्मिलित होते हैं। खेतों में लोग भांगड़ा-गिद्दा, लोकसंगीत एवं मेलों से फसल का उत्सव मनाते हैं।
तिथि कैसे तय होती है
बैसाखी सौर पर्व है, जो सूर्य के मेष राशि में प्रवेश (मेष संक्रांति) पर — लगभग 13–14 अप्रैल — पड़ता है, अतः तिथि प्रायः स्थिर रहती है।