महत्व
छठ पूजा सूर्य देव एवं छठी मैया को धन्यवाद का चार-दिवसीय पर्व है, जो कल्याण, समृद्धि एवं संतान हेतु किया जाता है। यह बिहार, झारखंड, पूर्वांचल एवं नेपाल का महान लोकपर्व है।
अपनी कठोरता एवं पवित्रता के लिए विख्यात यह हिंदू धर्म के कठिनतम व्रतों में एक है।
विधि
चार दिन — नहाय खाय, खरना, संध्या अर्घ्य (अस्ताचल सूर्य को) एवं उषा अर्घ्य (उदयीमान सूर्य को) — होते हैं। भक्त निर्जल व्रत रखकर जल में खड़े होकर ठेकुआ एवं फल से अर्घ्य देते हैं।
तिथि कैसे तय होती है
मुख्य संध्या अर्घ्य कार्तिक शुक्ल षष्ठी को होता है, उषा अर्घ्य अगले प्रातः; अर्घ्य समय आपके स्थानीय सूर्यास्त एवं सूर्योदय पर निर्भर करते हैं।