महत्व
दुर्गा पूजा बंगाल एवं पूर्वी भारत का सबसे भव्य पर्व है, जो महिषासुर पर देवी दुर्गा की विजय का उत्सव है। यह माँ का अपनी संतानों — लक्ष्मी, सरस्वती, गणेश एवं कार्तिकेय — सहित मायके आगमन का प्रतीक है।
यह यूनेस्को द्वारा मान्यता प्राप्त सांस्कृतिक धरोहर है।
विधि
मुख्य दिन षष्ठी (बोधन) से सप्तमी, अष्टमी (संधि पूजा), नवमी एवं दशमी तक होते हैं। कलात्मक पंडालों में प्रतिमाएं सजतीं; भक्त अंजलि, धुनुची नृत्य एवं भोग अर्पित करते हैं। विजयादशमी को सिंदूर खेला के साथ विसर्जन होता है।
तिथि कैसे तय होती है
मुख्य पूजा अश्विन शुक्ल की षष्ठी से दशमी तक, शरद नवरात्रि के भीतर होती है।