महत्व
गणेश चतुर्थी विघ्नहर्ता, बुद्धि एवं समृद्धि के देव भगवान गणेश के जन्म का उत्सव है। यह विशेषतः महाराष्ट्र में अत्यंत भव्यता से मनाया जाता है।
दस-दिवसीय पर्व अनंत चतुर्दशी को विसर्जन के साथ समाप्त होता है।
विधि
घरों एवं पंडालों में गणेश की मिट्टी की प्रतिमा स्थापित कर मध्याह्न मुहूर्त में मोदक, दूर्वा एवं लाल पुष्प से पूजा होती है। डेढ़ से दस दिन आरती के पश्चात "गणपति बप्पा मोरया" के जयघोष से विसर्जन होता है।
तिथि कैसे तय होती है
गणेश चतुर्थी भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को पड़ती है, और मध्याह्न में तिथि की उपस्थिति — गणेश के जन्म-समय — से तय होती है, अतः ऊपर मध्याह्न मुहूर्त दिया है।
