महत्व
हरियाली तीज पार्वती की दीर्घ तपस्या के पश्चात शिव से पुनर्मिलन एवं वर्षा ऋतु के आगमन का पर्व है। यह विवाहित स्त्रियों का पर्व है जो सुखी दांपत्य एवं पति के कल्याण की कामना करती हैं।
वर्षा से हरी-भरी धरती इसे यह नाम देती है।
विधि
स्त्रियाँ हरे वस्त्र पहनतीं, मेहंदी एवं चूड़ियाँ धारण करतीं तथा पुष्प-सज्जित झूलों पर लोकगीत गाती हैं। कई व्रत रखकर शिव-पार्वती की पूजा करती हैं। विवाहित बेटियों को सिंधारा भेंट मिलता है।
तिथि कैसे तय होती है
हरियाली तीज श्रावण शुक्ल तृतीया को, वर्षा ऋतु के मध्य पड़ती है।