महत्व
जगन्नाथ रथ यात्रा पुरी की विश्वप्रसिद्ध रथ यात्रा है, जब भगवान जगन्नाथ, भ्राता बलभद्र एवं बहन सुभद्रा विशाल काष्ठ-रथों पर जगन्नाथ मंदिर से गुंडिचा मंदिर की यात्रा करते हैं।
यह एकमात्र दिन है जब देव गर्भगृह से बाहर आकर सभी को — जाति-पंथ से परे — दर्शन देते हैं।
विधि
लाखों श्रद्धालु मोटी रस्सियों से तीन विशाल रथ खींचते हैं, जो अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है। देव सप्ताह भर गुंडिचा में रहकर बहुदा यात्रा से लौटते हैं। रथ खींचने से पूर्व छेरा पहरा होता है।
तिथि कैसे तय होती है
रथ यात्रा आषाढ़ शुक्ल द्वितीया को आरंभ होती है।