महत्व
महाशिवरात्रि "शिव की महारात्रि" भगवान शिव को समर्पित सर्वाधिक महत्वपूर्ण पर्व है। भक्त दिन-रात उपवास एवं जागरण करते हैं, जो मोक्ष एवं मनोकामना पूर्ति देने वाला माना जाता है।
परंपरा इसे शिव-पार्वती विवाह एवं शिव के तांडव की रात्रि मानती है।
विधि
चार प्रहरों में शिवलिंग का जल, दूध, मधु से अभिषेक कर बेलपत्र, धतूरा एवं फल अर्पित होते हैं। भक्त "ॐ नमः शिवाय" जपते हुए जागरण करते हैं तथा अगले प्रातः व्रत का पारण करते हैं।
तिथि कैसे तय होती है
यह फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को पड़ती है, और निशीथ काल (मध्यरात्रि) में तिथि की उपस्थिति से तय होती है — पूजा का श्रेष्ठ समय — अतः ऊपर निशीथ मुहूर्त दिया है।
