महत्व
मकर संक्रांति सूर्य के मकर राशि में प्रवेश एवं उत्तरायण के आरंभ का पर्व है — सूर्य की छह माह की उत्तर दिशा यात्रा अत्यंत शुभ मानी जाती है। यह प्रायः 14–15 जनवरी को पड़ती है।
यह फसल का पर्व है जो देश भर में पोंगल, उत्तरायण, माघी, बिहू आदि नामों से मनाया जाता है।
विधि
भक्त प्रातः पवित्र नदियों में स्नान कर सूर्य को अर्घ्य देते हैं तथा तिल, गुड़ एवं अन्न का दान करते हैं। "तिल-गुड़ लो, मीठा बोलो" कहकर मिठाई बांटी जाती है। पतंगबाजी एवं सामूहिक भोज होते हैं।
तिथि कैसे तय होती है
यह तिथि चंद्रमा से नहीं, सौर घटना — सूर्य के निरयण मकर प्रवेश — से तय होती है। ऊपर दिया पुण्य काल आपके नगर हेतु संक्रांति के क्षण का शुभ समय है।