पितृ पक्ष (श्राद्ध) 2024

स्थान:
वर्ष
20242025
पर्वतिथि
पूर्णिमा श्राद्धमंगलवार, 17 सितंबर 2024
प्रतिपदा श्राद्धबुधवार, 18 सितंबर 2024
द्वितीया श्राद्धगुरुवार, 19 सितंबर 2024
तृतीया श्राद्धशुक्रवार, 20 सितंबर 2024
चतुर्थी श्राद्धशनिवार, 21 सितंबर 2024
षष्ठी श्राद्धरविवार, 22 सितंबर 2024
सप्तमी श्राद्धसोमवार, 23 सितंबर 2024
अष्टमी श्राद्धमंगलवार, 24 सितंबर 2024
नवमी श्राद्धबुधवार, 25 सितंबर 2024
दशमी श्राद्धगुरुवार, 26 सितंबर 2024
एकादशी श्राद्धशुक्रवार, 27 सितंबर 2024
द्वादशी श्राद्धशनिवार, 28 सितंबर 2024
त्रयोदशी श्राद्धरविवार, 29 सितंबर 2024
त्रयोदशी श्राद्धसोमवार, 30 सितंबर 2024
चतुर्दशी श्राद्धमंगलवार, 1 अक्टूबर 2024
सर्वपितृ अमावस्याबुधवार, 2 अक्टूबर 2024

महत्व

पितृ पक्ष श्राद्ध एवं तर्पण द्वारा पितरों के सम्मान का सोलह-दिवसीय काल है। मान्यता है कि इस पखवाड़े पितर अपने वंशजों के पास आते हैं, और अब किए कर्म उन्हें शांति एवं परिवार को आशीर्वाद देते हैं।

यह महालया (सर्व पितृ) अमावस्या — सर्वाधिक महत्वपूर्ण श्राद्ध दिवस — पर समाप्त होता है।

विधि

परिवार पितरों के नाम पिंडदान, तर्पण एवं कौओं तथा ब्राह्मणों को भोजन अर्पित करते हैं, प्रायः पूर्वज के देहावसान की तिथि पर। इस गंभीर काल में शुभ नए कार्य एवं उत्सव टाले जाते हैं।

वर्ष भर की पितृ पक्ष तिथियाँ

ऊपर चयनित वर्ष की श्राद्ध तिथियाँ, पितृ पक्ष के आरंभ से महालया अमावस्या तक दी हैं। तिथियाँ देखने हेतु वर्ष चुनें।

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