महत्व
प्रत्येक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी संकष्टी चतुर्थी विघ्नहर्ता गणेश को समर्पित है (संकष्टी अर्थात् "संकट से मुक्ति")। यह व्रत कष्ट-निवारण एवं मनोकामना पूर्ति करने वाला माना जाता है।
मंगलवार को पड़ने वाली अंगारकी संकष्टी विशेष प्रभावी मानी जाती है।
विधि
भक्त दिन भर व्रत रखकर गणेश की दूर्वा एवं मोदक से पूजा करते तथा चंद्रोदय पर चंद्र-दर्शन एवं अर्घ्य के पश्चात ही पारण करते हैं। प्रत्येक मास की संकष्टी का पृथक नाम है।
वर्ष भर की संकष्टी
ऊपर चयनित वर्ष की प्रत्येक संकष्टी चतुर्थी उसके मास सहित दी है। तिथि एवं चंद्रोदय समय देखने हेतु वर्ष चुनें।