संक्रांति 2026

स्थान:
वर्ष
पर्वतिथि
मकर संक्रांतिबुधवार, 14 जनवरी 2026
कुंभ संक्रांतिगुरुवार, 12 फ़रवरी 2026
मीन संक्रांतिशनिवार, 14 मार्च 2026
मेष संक्रांतिमंगलवार, 14 अप्रैल 2026
वृषभ संक्रांतिगुरुवार, 14 मई 2026
मिथुन संक्रांतिसोमवार, 15 जून 2026
कर्क संक्रांतिगुरुवार, 16 जुलाई 2026
सिंह संक्रांतिअगलारविवार, 16 अगस्त 2026
कन्या संक्रांतिबुधवार, 16 सितंबर 2026
तुला संक्रांतिशनिवार, 17 अक्टूबर 2026
वृश्चिक संक्रांतिसोमवार, 16 नवंबर 2026
धनु संक्रांतिबुधवार, 16 दिसंबर 2026

महत्व

संक्रांति सूर्य के एक राशि से अगली राशि में संक्रमण को दर्शाती है। वर्ष में बारह संक्रांतियाँ होती हैं, प्रत्येक उस राशि के नाम पर जिसमें सूर्य प्रवेश करता है — मकर, कुंभ, मीन आदि। मकर एवं मेष संक्रांति सर्वाधिक मनाई जाती हैं।

संक्रमण का क्षण एवं आसपास का पुण्य काल स्नान, दान एवं पूजा हेतु शुभ है।

विधि

भक्त पवित्र नदियों में स्नान कर सूर्य को अर्घ्य देते तथा पुण्य काल में अन्न, तिल एवं वस्त्र का दान करते हैं। प्रत्येक संक्रांति की अपनी क्षेत्रीय परंपराएं हैं।

वर्ष भर की संक्रांति

ऊपर चयनित वर्ष की सभी बारह संक्रांतियाँ, सूर्य जिस राशि में प्रवेश करता है उसके साथ दी हैं। तिथियाँ देखने हेतु वर्ष चुनें।

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