आर्द्रा नक्षत्र
आर्द्रा, राहु द्वारा शासित एवं तूफ़ान-देव रुद्र वाला, उथल-पुथल से परिवर्तन का तारा है। इसके जातक तीक्ष्ण, भेदक बुद्धि वाले होते हैं एवं ऐसे तूफ़ानों से गुज़रते हैं जो अंततः वातावरण को स्वच्छ एवं नवीन करते हैं।
मुख्य तथ्य
| स्वामी ग्रह | राहु |
| देवता | रुद्र (भयंकर शिव) |
| प्रतीक | अश्रु-बिंदु / हीरा |
| गण | मनुष्य |
| लिंग | स्त्री |
| नाड़ी | आदि (वात) |
| योनि (पशु) | श्वान |
| राशि एवं विस्तार | 6°40'–20°00' मिथुन |
मुख्य लक्षण
- तीक्ष्ण, विश्लेषणात्मक एवं भेदक
- भावनात्मक रूप से तीव्र एवं परिवर्तनकारी
- बेचैन एवं कभी विध्वंसक
- कष्ट के पश्चात करुणामय
करियर एवं शक्तियाँ
अनुसंधान एवं विज्ञान, प्रौद्योगिकी, चिकित्सा, मनोविज्ञान, तथा छिपे कारण खोजने वाले क्षेत्र आर्द्रा की भेदक बुद्धि के अनुकूल हैं।
उपाय
- स्वामी ग्रह राहु को बल दें (देखें राहु के उपाय)
- नक्षत्र देवता रुद्र का पूजन करें
- नक्षत्र मंत्र का जाप करें एवं प्रति मास अपने जन्म-नक्षत्र दिवस पर उसका सम्मान करें