आश्लेषा नक्षत्र
आश्लेषा, कुंडलित सर्प — बुध द्वारा शासित एवं नाग देवता वाला, भेदक अंतर्दृष्टि एवं सम्मोहक शक्ति का तारा है। इसके जातक चतुर, अंतर्ज्ञानी एवं प्रभावशाली होते हैं, सतह के नीचे देखने की क्षमता सहित।
मुख्य तथ्य
| स्वामी ग्रह | बुध |
| देवता | नाग (सर्प देवता) |
| प्रतीक | कुंडलित सर्प |
| गण | राक्षस |
| लिंग | स्त्री |
| नाड़ी | अंत्य (कफ) |
| योनि (पशु) | मार्जार |
| राशि एवं विस्तार | 16°40'–30°00' कर्क |
मुख्य लक्षण
- अंतर्ज्ञानी, सूक्ष्मदर्शी एवं चतुर
- प्रभावशाली एवं चुंबकीय
- गोपनीय एवं रणनीतिक
- दुरुपयोग पर छल-कपटी हो सकता है
करियर एवं शक्तियाँ
मनोविज्ञान, अनुसंधान, जाँच, चिकित्सा (विशेषकर विष-विज्ञान), राजनीति एवं गूढ़ विद्या आश्लेषा की भेदक अंतर्दृष्टि के अनुकूल हैं।
उपाय
- स्वामी ग्रह बुध को बल दें (देखें बुध के उपाय)
- नक्षत्र देवता नाग का पूजन करें
- नक्षत्र मंत्र का जाप करें एवं प्रति मास अपने जन्म-नक्षत्र दिवस पर उसका सम्मान करें