अश्विनी नक्षत्र
अश्विनी प्रथम नक्षत्र है — तीव्र, अग्रणी एवं नवीन ऊर्जा से भरा। केतु द्वारा शासित एवं उपचारक अश्विनी कुमार देवता वाला, इसके जातक शीघ्र आरंभ करने वाले, स्वाभाविक उपचारक एवं प्रथम रहने के इच्छुक होते हैं।
मुख्य तथ्य
| स्वामी ग्रह | केतु |
| देवता | अश्विनी कुमार (देव-वैद्य) |
| प्रतीक | अश्व-मस्तक |
| गण | देव |
| लिंग | पुरुष |
| नाड़ी | आदि (वात) |
| योनि (पशु) | अश्व |
| राशि एवं विस्तार | 0°00'–13°20' मेष |
मुख्य लक्षण
- तीव्र, ऊर्जावान एवं स्वतंत्र
- उपचार एवं अग्रणी प्रवृत्ति
- आवेगी एवं अधीर
- युवा-मन एवं साहसिक
करियर एवं शक्तियाँ
चिकित्सा, उपचार, खेल, परिवहन, आपातकालीन सेवाएँ एवं उद्यमिता अश्विनी की गति एवं पहल के अनुकूल हैं।
उपाय
- स्वामी ग्रह केतु को बल दें (देखें केतु के उपाय)
- नक्षत्र देवता अश्विनी कुमार का पूजन करें
- नक्षत्र मंत्र का जाप करें एवं प्रति मास अपने जन्म-नक्षत्र दिवस पर उसका सम्मान करें