भरणी नक्षत्र
भरणी, शुक्र द्वारा शासित एवं यम देवता वाला, सृजन एवं संयम का नक्षत्र है — धारण एवं जन्म देने का। इसके जातक सृजनशील, दृढ़-संकल्प एवं महान सहनशीलता वाले होते हैं, प्रबल कर्तव्य-भाव सहित।
मुख्य तथ्य
| स्वामी ग्रह | शुक्र |
| देवता | यम (मृत्यु एवं धर्म के देव) |
| प्रतीक | योनि (गर्भ) |
| गण | मनुष्य |
| लिंग | स्त्री |
| नाड़ी | मध्य (पित्त) |
| योनि (पशु) | गज |
| राशि एवं विस्तार | 13°20'–26°40' मेष |
मुख्य लक्षण
- सृजनशील एवं भावुक
- अनुशासित एवं दृढ़-संकल्प
- दबाव में प्रबल सहनशीलता
- संयम एवं भोग की पराकाष्ठा
करियर एवं शक्तियाँ
कला एवं सृजन, चलचित्र एवं मीडिया, स्त्री-रोग एवं शिशु-देखभाल, विधि एवं प्रबंधन भरणी के सृजनात्मक अनुशासन के अनुकूल हैं।
उपाय
- स्वामी ग्रह शुक्र को बल दें (देखें शुक्र के उपाय)
- नक्षत्र देवता यम का पूजन करें
- नक्षत्र मंत्र का जाप करें एवं प्रति मास अपने जन्म-नक्षत्र दिवस पर उसका सम्मान करें