चित्रा नक्षत्र
चित्रा, चमकता रत्न — मंगल द्वारा शासित एवं देव-शिल्पी विश्वकर्मा वाला, कला, डिज़ाइन एवं चकाचौंध सृजन का तारा है। इसके जातक करिश्माई, सुरुचिपूर्ण एवं सौंदर्य को रूप देने में प्रतिभावान होते हैं।
मुख्य तथ्य
| स्वामी ग्रह | मंगल |
| देवता | त्वष्टा / विश्वकर्मा (देव-शिल्पी) |
| प्रतीक | चमकीला रत्न / मोती |
| गण | राक्षस |
| लिंग | स्त्री |
| नाड़ी | मध्य (पित्त) |
| योनि (पशु) | व्याघ्र |
| राशि एवं विस्तार | 23°20' कन्या – 6°40' तुला |
मुख्य लक्षण
- करिश्माई, सुरुचिपूर्ण एवं सृजनशील
- डिज़ाइन एवं शिल्प में कुशल
- प्रतिभावान एवं सूक्ष्मता में पूर्ण
- दिखावटी या आत्म-केंद्रित हो सकता है
करियर एवं शक्तियाँ
वास्तुकला एवं डिज़ाइन, फ़ैशन, आभूषण, कला, अभियांत्रिकी, चलचित्र तथा कोई भी सृजनात्मक-तकनीकी शिल्प चित्रा के अनुकूल है।
उपाय
- स्वामी ग्रह मंगल को बल दें (देखें मंगल के उपाय)
- नक्षत्र देवता त्वष्टा / विश्वकर्मा का पूजन करें
- नक्षत्र मंत्र का जाप करें एवं प्रति मास अपने जन्म-नक्षत्र दिवस पर उसका सम्मान करें