हस्त नक्षत्र
हस्त, हाथ का प्रतीक एवं चंद्रमा द्वारा शासित, कौशल, दक्षता एवं चतुर शिल्प का तारा है। इसके जातक निपुण, साधन-संपन्न एवं बारीकी पर ध्यान देने वाले होते हैं, जो चाहें उसे पकड़ एवं गढ़ सकते हैं।
मुख्य तथ्य
| स्वामी ग्रह | चंद्र |
| देवता | सवितृ (सृजनकारी सूर्य) |
| प्रतीक | हाथ / मुट्ठी |
| गण | देव |
| लिंग | पुरुष |
| नाड़ी | आदि (वात) |
| योनि (पशु) | महिष |
| राशि एवं विस्तार | 10°00'–23°20' कन्या |
मुख्य लक्षण
- कुशल, दक्ष एवं व्यावहारिक
- चतुर, हाज़िरजवाब एवं साधन-संपन्न
- परिश्रमी एवं बारीकी पर ध्यान देने वाला
- व्यग्र या अति-आलोचक हो सकता है
करियर एवं शक्तियाँ
शिल्प एवं हस्तकला, उपचार एवं मालिश, कला, लेखन, व्यापार, तथा कोई भी कुशल हस्त या सूक्ष्म कार्य हस्त के अनुकूल है।
उपाय
- स्वामी ग्रह चंद्र को बल दें (देखें चंद्र के उपाय)
- नक्षत्र देवता सवितृ का पूजन करें
- नक्षत्र मंत्र का जाप करें एवं प्रति मास अपने जन्म-नक्षत्र दिवस पर उसका सम्मान करें