कृत्तिका नक्षत्र
कृत्तिका, सूर्य द्वारा शासित एवं अग्नि देवता वाला, तीक्ष्ण, शुद्ध करने वाला एवं दृढ़-संकल्प है। इसके जातक भ्रम को चीरते, अशुद्धि जलाते एवं तीव्र एकाग्रता एवं ईमानदारी से लक्ष्य साधते हैं।
मुख्य तथ्य
| स्वामी ग्रह | सूर्य |
| देवता | अग्नि (अग्नि देव) |
| प्रतीक | छुरा / ज्वाला |
| गण | राक्षस |
| लिंग | स्त्री |
| नाड़ी | अंत्य (कफ) |
| योनि (पशु) | मेष |
| राशि एवं विस्तार | 26°40' मेष – 10°00' वृषभ |
मुख्य लक्षण
- तीक्ष्ण, एकाग्र एवं ईमानदार
- दृढ़-संकल्प एवं परिश्रमी
- आलोचक एवं मुँहफट
- रक्षक एवं शुद्ध करने वाला
करियर एवं शक्तियाँ
पाककला, शल्य चिकित्सा, सेना, आलोचना एवं संपादन, तथा कोई भी सूक्ष्म या 'तीक्ष्ण' कौशल कृत्तिका के अनुकूल है।
उपाय
- स्वामी ग्रह सूर्य को बल दें (देखें सूर्य के उपाय)
- नक्षत्र देवता अग्नि का पूजन करें
- नक्षत्र मंत्र का जाप करें एवं प्रति मास अपने जन्म-नक्षत्र दिवस पर उसका सम्मान करें