मृगशिरा नक्षत्र
मृगशिरा, खोजते मृग का प्रतीक, जिज्ञासा एवं कोमल अन्वेषण का तारा है। इसके जातक जिज्ञासु, बेचैन अन्वेषक होते हैं — सदा कुछ अधिक की खोज में, चाहे ज्ञान, सौंदर्य या आदर्श।
मुख्य तथ्य
| स्वामी ग्रह | मंगल |
| देवता | सोम / चंद्र |
| प्रतीक | मृग-मस्तक |
| गण | देव |
| लिंग | नपुंसक |
| नाड़ी | मध्य (पित्त) |
| योनि (पशु) | सर्प |
| राशि एवं विस्तार | 23°20' वृषभ – 6°40' मिथुन |
मुख्य लक्षण
- जिज्ञासु, खोजी एवं बुद्धिमान
- कोमल, अनुकूलनशील एवं संवाद-प्रिय
- बेचैन एवं शीघ्र ऊबने वाला
- संवेदनशील एवं आदर्शवादी
करियर एवं शक्तियाँ
अनुसंधान, लेखन एवं यात्रा, विक्रय, भूमि-भवन, डिज़ाइन तथा कोई भी खोजी या संवाद-प्रधान क्षेत्र मृगशिरा के अनुकूल है।
उपाय
- स्वामी ग्रह मंगल को बल दें (देखें मंगल के उपाय)
- नक्षत्र देवता सोम / चंद्र का पूजन करें
- नक्षत्र मंत्र का जाप करें एवं प्रति मास अपने जन्म-नक्षत्र दिवस पर उसका सम्मान करें