रेवती नक्षत्र
रेवती, अंतिम नक्षत्र — बुध द्वारा शासित एवं पशुपालक-देव पूषन् वाला, पोषण, रक्षा एवं सुरक्षित यात्रा का तारा है। इसके जातक दयालु, कोमल एवं देखभाल करने वाले होते हैं, दूसरों को पूर्णता की ओर मार्गदर्शन एवं आश्रय देते हुए।
मुख्य तथ्य
| स्वामी ग्रह | बुध |
| देवता | पूषन् (पोषक एवं यात्रियों के मार्गदर्शक) |
| प्रतीक | मछली / मृदंग |
| गण | देव |
| लिंग | स्त्री |
| नाड़ी | अंत्य (कफ) |
| योनि (पशु) | गज |
| राशि एवं विस्तार | 16°40'–30°00' मीन |
मुख्य लक्षण
- दयालु, कोमल एवं देखभाल करने वाला
- रक्षात्मक एवं पोषक
- आध्यात्मिक, कलात्मक एवं कल्पनाशील
- अति-संवेदनशील या आत्म-त्यागी हो सकता है
करियर एवं शक्तियाँ
शिशु-देखभाल एवं अध्यापन, यात्रा एवं आतिथ्य, पशु-देखभाल, कला, उपचार एवं आध्यात्मिक कार्य रेवती के पोषक स्वभाव के अनुकूल हैं।
उपाय
- स्वामी ग्रह बुध को बल दें (देखें बुध के उपाय)
- नक्षत्र देवता पूषन् का पूजन करें
- नक्षत्र मंत्र का जाप करें एवं प्रति मास अपने जन्म-नक्षत्र दिवस पर उसका सम्मान करें