शतभिषा नक्षत्र

शतभिषा का अर्थ 'सौ वैद्य' — उपचार, रहस्य एवं स्वतंत्रता का तारा। राहु द्वारा शासित एवं वरुण देवता वाला, इसके जातक अंतर्मुखी, अपरंपरागत एवं उपचार, विज्ञान तथा गुप्त ज्ञान की ओर आकर्षित होते हैं।

मुख्य तथ्य

स्वामी ग्रहराहु
देवतावरुण (जल एवं ऋत के देव)
प्रतीकरिक्त वृत्त / सौ वैद्य
गणराक्षस
लिंगनपुंसक
नाड़ीआदि (वात)
योनि (पशु)अश्व
राशि एवं विस्तार6°40'–20°00' कुंभ

मुख्य लक्षण

  • स्वतंत्र, अंतर्मुखी एवं अपरंपरागत
  • उपचार एवं वैज्ञानिक प्रवृत्ति
  • विश्लेषणात्मक एवं गोपनीय
  • एकांतप्रिय या हठी हो सकता है

करियर एवं शक्तियाँ

चिकित्सा एवं उपचार, विज्ञान एवं अनुसंधान, ज्योतिष, प्रौद्योगिकी, तथा कोई भी खोजी या रहस्यमय क्षेत्र शतभिषा के अनुकूल है।

उपाय

  • स्वामी ग्रह राहु को बल दें (देखें राहु के उपाय)
  • नक्षत्र देवता वरुण का पूजन करें
  • नक्षत्र मंत्र का जाप करें एवं प्रति मास अपने जन्म-नक्षत्र दिवस पर उसका सम्मान करें