श्रवण नक्षत्र
श्रवण का अर्थ 'सुनना' — श्रवण, अध्ययन एवं जुड़ाव का तारा। चंद्रमा द्वारा शासित एवं विष्णु देवता वाला, इसके जातक सचेत, ज्ञानी एवं विद्वान होते हैं, गहराई से सुनकर एवं लोगों तथा विचारों को जोड़कर समझ अर्जित करते हैं।
मुख्य तथ्य
| स्वामी ग्रह | चंद्र |
| देवता | विष्णु (पालनकर्ता) |
| प्रतीक | कान / तीन पद-चिह्न |
| गण | देव |
| लिंग | पुरुष |
| नाड़ी | अंत्य (कफ) |
| योनि (पशु) | वानर |
| राशि एवं विस्तार | 10°00'–23°20' मकर |
मुख्य लक्षण
- सचेत, ज्ञानी एवं विद्वान
- उत्तम श्रोता एवं संवादक
- सुसंपर्कित एवं प्रतिष्ठित
- अति-विचार या सलाह पर अति-निर्भर हो सकता है
करियर एवं शक्तियाँ
अध्यापन, मीडिया एवं प्रसारण, परामर्श, भाषाएँ, संगीत, तथा कोई भी ज्ञान- या संवाद-आधारित क्षेत्र श्रवण के अनुकूल है।
उपाय
- स्वामी ग्रह चंद्र को बल दें (देखें चंद्र के उपाय)
- नक्षत्र देवता विष्णु का पूजन करें
- नक्षत्र मंत्र का जाप करें एवं प्रति मास अपने जन्म-नक्षत्र दिवस पर उसका सम्मान करें