स्वाति नक्षत्र
स्वाति, राहु द्वारा शासित एवं पवन-देव वायु वाला, स्वतंत्रता, गति एवं स्व-निर्मित सफलता का तारा है। पवन की भाँति इसके जातक लचीले, स्वतंत्रता-प्रिय एवं व्यापार, कूटनीति एवं अपने मार्ग पर चलने में कुशल होते हैं।
मुख्य तथ्य
| स्वामी ग्रह | राहु |
| देवता | वायु (पवन देव) |
| प्रतीक | नवांकुर / प्रवाल |
| गण | देव |
| लिंग | स्त्री |
| नाड़ी | अंत्य (कफ) |
| योनि (पशु) | महिष |
| राशि एवं विस्तार | 6°40'–20°00' तुला |
मुख्य लक्षण
- स्वतंत्र एवं स्वतंत्रता-प्रिय
- लचीला, कूटनीतिक एवं अनुकूलनशील
- व्यापार एवं वार्ता में कुशल
- बेचैन या बिखरा हुआ हो सकता है
करियर एवं शक्तियाँ
व्यापार, कूटनीति, विधि, परिवहन एवं यात्रा, तथा कोई भी स्व-निर्देशित या स्वतंत्र उद्यम स्वाति के अनुकूल है।
उपाय
- स्वामी ग्रह राहु को बल दें (देखें राहु के उपाय)
- नक्षत्र देवता वायु का पूजन करें
- नक्षत्र मंत्र का जाप करें एवं प्रति मास अपने जन्म-नक्षत्र दिवस पर उसका सम्मान करें