उत्तराषाढ़ा नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा का अर्थ 'उत्तर अपराजित' — सत्यनिष्ठा से अर्जित स्थायी विजय का तारा। सूर्य द्वारा शासित एवं विश्वेदेवा वाला, इसके जातक सिद्धांतवादी, धैर्यवान नेता होते हैं जिनकी उपलब्धियाँ चिरस्थायी होती हैं।
मुख्य तथ्य
| स्वामी ग्रह | सूर्य |
| देवता | विश्वेदेवा (सर्वदेव) |
| प्रतीक | हाथी का दाँत / शय्या के पट |
| गण | मनुष्य |
| लिंग | स्त्री |
| नाड़ी | अंत्य (कफ) |
| योनि (पशु) | नकुल |
| राशि एवं विस्तार | 26°40' धनु – 10°00' मकर |
मुख्य लक्षण
- सिद्धांतवादी, ईमानदार एवं ज़िम्मेदार
- धैर्यवान एवं दृढ़
- स्वाभाविक, सम्मानित नेता
- कठोर या अति-गंभीर हो सकता है
करियर एवं शक्तियाँ
नेतृत्व, सरकारी सेवा, विधि, समाज-सुधार, तथा जहाँ स्थायी उपलब्धि एवं सत्यनिष्ठा महत्वपूर्ण हो ऐसा कोई भी क्षेत्र उत्तराषाढ़ा के अनुकूल है।
उपाय
- स्वामी ग्रह सूर्य को बल दें (देखें सूर्य के उपाय)
- नक्षत्र देवता विश्वेदेवा का पूजन करें
- नक्षत्र मंत्र का जाप करें एवं प्रति मास अपने जन्म-नक्षत्र दिवस पर उसका सम्मान करें