उत्तर भाद्रपद नक्षत्र
उत्तर भाद्रपद, शनि द्वारा शासित एवं गहराई के सर्प अहिर्बुध्न्य देवता वाला, गहराई, ज्ञान एवं शांति का तारा है। इसके जातक धैर्यवान, करुणामय एवं गंभीर होते हैं, कोमल सतह के नीचे स्थिर, नियंत्रित शक्ति सहित।
मुख्य तथ्य
| स्वामी ग्रह | शनि |
| देवता | अहिर्बुध्न्य (गहराई का सर्प) |
| प्रतीक | शय्या के पश्च पाए / गहराई का सर्प |
| गण | मनुष्य |
| लिंग | पुरुष |
| नाड़ी | मध्य (पित्त) |
| योनि (पशु) | गौ |
| राशि एवं विस्तार | 3°20'–16°40' मीन |
मुख्य लक्षण
- ज्ञानी, गहन एवं करुणामय
- धैर्यवान, शांत एवं नियंत्रित
- दानशील एवं आत्म-त्यागी
- एकांतप्रिय या अति-निष्क्रिय हो सकता है
करियर एवं शक्तियाँ
अध्यात्म एवं परामर्श, दान, अनुसंधान, लेखन, तथा पर्दे के पीछे या सलाहकार कार्य उत्तर भाद्रपद की गहराई के अनुकूल हैं।
उपाय
- स्वामी ग्रह शनि को बल दें (देखें शनि के उपाय)
- नक्षत्र देवता अहिर्बुध्न्य का पूजन करें
- नक्षत्र मंत्र का जाप करें एवं प्रति मास अपने जन्म-नक्षत्र दिवस पर उसका सम्मान करें