विशाखा नक्षत्र

विशाखा, गुरु द्वारा शासित एवं इंद्र-अग्नि देवता वाला, लक्ष्य-केंद्रित दृढ़ता का तारा है। इसके जातक महत्वाकांक्षी, एकाग्र एवं दृढ़-प्रतिज्ञ होते हैं, लक्ष्य पर दृष्टि गड़ाकर विजय की ओर निरंतर बढ़ते हैं।

मुख्य तथ्य

स्वामी ग्रहगुरु
देवताइंद्र-अग्नि (शक्ति एवं अग्नि)
प्रतीकविजय-द्वार / कुम्हार का चाक
गणराक्षस
लिंगस्त्री
नाड़ीअंत्य (कफ)
योनि (पशु)व्याघ्र
राशि एवं विस्तार20°00' तुला – 3°20' वृश्चिक

मुख्य लक्षण

  • महत्वाकांक्षी, एकाग्र एवं दृढ़-संकल्प
  • दृढ़-प्रतिज्ञ एवं लक्ष्य-प्रधान
  • प्रतिस्पर्धी एवं ऊर्जावान
  • लक्ष्य-प्राप्ति में अधीर या निर्मम हो सकता है

करियर एवं शक्तियाँ

नेतृत्व, राजनीति, प्रतिस्पर्धी करियर, विक्रय, अनुसंधान तथा कोई भी लक्ष्य-प्रधान, उच्च-उपलब्धि क्षेत्र विशाखा के अनुकूल है।

उपाय

  • स्वामी ग्रह गुरु को बल दें (देखें गुरु के उपाय)
  • नक्षत्र देवता इंद्र-अग्नि का पूजन करें
  • नक्षत्र मंत्र का जाप करें एवं प्रति मास अपने जन्म-नक्षत्र दिवस पर उसका सम्मान करें