बुध ग्रह (Mercury)
बुध राजकुमार है — बुद्धि, तर्क, वाणी, विद्या, व्यापार, गणना एवं संवाद का कारक। यह तटस्थ है एवं जिन ग्रहों के साथ हो उनका स्वभाव ग्रहण करता है, अतः इसके फल संगति पर बहुत निर्भर करते हैं।
मुख्य तथ्य
| संस्कृत नाम | Budh |
| कारक | बुद्धि, वाणी, व्यापार, संवाद |
| स्वभाव | शुभ (परिवर्तनशील) |
| तत्व | पृथ्वी |
| लिंग | नपुंसक |
| स्वराशि | मिथुन, कन्या |
| उच्च | कन्या (15°) |
| नीच | मीन (15°) |
| मूलत्रिकोण | कन्या 15°–20° |
| मित्र | सूर्य, शुक्र |
| शत्रु | चंद्र |
| दिग्बल | प्रथम भाव (पूर्व) |
| दिन | बुधवार |
| रत्न | पन्ना |
| देवता | विष्णु |
| दशा अवधि | 17 वर्ष |
जब यह बलवान / शुभ स्थित हो
- तीव्र बुद्धि एवं शीघ्र सीखना
- प्रभावशाली, वाक्पटु वाणी
- व्यापार, लेखन एवं विश्लेषण में सफलता
- उत्तम व्यापारिक एवं गणितीय समझ
जब यह निर्बल या पीड़ित हो
- भ्रमित सोच या दुर्बल निर्णय
- वाणी, हकलाहट या तंत्रिका संबंधी समस्याएँ
- व्यापार या दस्तावेज़ से हानि
- व्यग्रता एवं अनिर्णय
करियर एवं जीवन क्षेत्र
बुध व्यापार, लेखांकन, लेखन, अध्यापन, आईटी, मीडिया, संचार तथा संख्या, भाषा या विश्लेषण से जुड़े कार्यों को अनुकूल बनाता है।
स्वामी नक्षत्र
विंशोत्तरी दशा पद्धति में बुध 27 नक्षत्रों में से तीन का स्वामी है: आश्लेषा, ज्येष्ठा, रेवती। इन नक्षत्रों में स्थित ग्रह एवं चंद्रमा बुध का स्वभाव धारण करते हैं एवं इसकी दशा आरंभ करते हैं।
उपाय
- बुधवार को विष्णु सहस्रनाम पढ़ें
- हरी मूँग दान करें; गायों को हरा चारा खिलाएँ
- विद्यार्थियों की सहायता करें; विद्वानों का सम्मान करें
- कुंडली पुष्टि के बाद ही पन्ना धारण करें