मेष राशि (Aries)
मेष (Aries) मंगल द्वारा शासित अग्नि तत्व की राशि है, जिसका प्रतीक मेढ़ा है। जिनकी चंद्र राशि (या लग्न) मेष होती है, वे साहस एवं पहल, उत्साह एवं सहनशक्ति जैसे गुणों के लिए जाने जाते हैं। यहाँ वैदिक ज्योतिष में मेष राशि के व्यक्तित्व, प्रेम, करियर, स्वास्थ्य एवं उपायों का संपूर्ण विवरण है।
मुख्य तथ्य
| प्रतीक | मेढ़ा |
| तत्व | अग्नि |
| गुण | चर |
| स्वामी ग्रह | मंगल |
| सूर्य-संक्रमण (लगभग) | 14 अप्रैल – 14 मई |
| शुभ रंग | लाल |
| शुभ अंक | 9 |
| शुभ दिन | मंगलवार |
| रत्न | मूँगा |
| देवता | अग्नि / कार्तिकेय |
| अनुकूल राशियाँ | सिंह, धनु, मिथुन, कुंभ |
व्यक्तित्व एवं स्वभाव
- साहसी, ऊर्जावान एवं अग्रणी
- पहल करने वाला स्वाभाविक नेता
- स्पष्टवादी, ईमानदार एवं प्रतिस्पर्धी
- विलंब एवं बारीकियों में अधीर
शक्तियाँ
- साहस एवं पहल
- उत्साह एवं सहनशक्ति
- आत्मविश्वास एवं ईमानदारी
- त्वरित निर्णय
कमज़ोरियाँ
- आवेग एवं क्रोध
- अधीरता
- बेचैनी
- पूरा करने से अधिक आरंभ करना
प्रेम एवं संबंध
प्रेम में मेष जातक भावुक, रक्षात्मक एवं खुलकर अभिव्यक्त करने वाला होता है। शीघ्र आकर्षित होता है और ऐसे साथी को महत्व देता है जो उसकी ऊर्जा एवं स्वतंत्रता से मेल खाए। अधीरता एवं प्रभुत्व की प्रवृत्ति से बचना चाहिए।
करियर एवं धन
मेष जातक वहाँ सफल होता है जहाँ साहस एवं त्वरित कर्म का मूल्य हो — सेना, खेल, शल्य चिकित्सा, अभियांत्रिकी, उद्यमिता एवं नेतृत्व। बलवान मंगल शून्य से निर्माण की शक्ति देता है, यद्यपि नीरस कार्य उन्हें ऊबा देते हैं।
स्वास्थ्य
मेष सिर एवं चेहरे का स्वामी है; सिरदर्द, तनाव एवं जल्दबाज़ी से चोट का ध्यान रखें। शारीरिक व्यायाम आवश्यक है, साथ ही क्रोध को शांत करना सीखना भी।
अनुकूलता
मेष राशि प्रायः सिंह, धनु, मिथुन, कुंभ के साथ सर्वाधिक सामंजस्य रखती है। तथापि अनुकूलता पूरी कुंडली पर निर्भर करती है — विवाह हेतु केवल राशि नहीं, अष्टकूट गुण मिलान अवश्य देखें।
स्वामी ग्रह एवं नक्षत्र
मेष राशि का स्वामी मंगल है, जिसका बल एवं स्थिति राशि की अभिव्यक्ति तय करते हैं। यह अश्विनी, भरणी, कृत्तिका (प्रथम चरण) नक्षत्रों में फैली है, जो इसके अर्थ को और सूक्ष्म करते हैं। व्यक्तिगत चित्र हेतु राशि को उसके स्वामी एवं नक्षत्रों सहित पढ़ें।
उपाय
- मंगल को बल दें: मंगलवार को हनुमान चालीसा पढ़ें
- लाल पुष्प/मसूर दाल दान करें; भाई-बहनों एवं वीरों की सहायता करें
- कुंडली पुष्टि के बाद ही मूँगा धारण करें