एकादशी 2024

स्थान:
वर्ष
20242025
पर्वतिथि
सफला एकादशीरविवार, 7 जनवरी 2024
पौष पुत्रदा एकादशीरविवार, 21 जनवरी 2024
षटतिला एकादशीसोमवार, 5 फ़रवरी 2024
जया एकादशीसोमवार, 19 फ़रवरी 2024
विजया एकादशीबुधवार, 6 मार्च 2024
आमलकी एकादशीबुधवार, 20 मार्च 2024
पापमोचनी एकादशीगुरुवार, 4 अप्रैल 2024
कामदा एकादशीशुक्रवार, 19 अप्रैल 2024
वरूथिनी एकादशीशनिवार, 4 मई 2024
मोहिनी एकादशीशनिवार, 18 मई 2024
अपरा एकादशीरविवार, 2 जून 2024
निर्जला एकादशीसोमवार, 17 जून 2024
योगिनी एकादशीसोमवार, 1 जुलाई 2024
देवशयनी एकादशीबुधवार, 17 जुलाई 2024
कामिका एकादशीमंगलवार, 30 जुलाई 2024
श्रावण पुत्रदा एकादशीगुरुवार, 15 अगस्त 2024
अजा एकादशीगुरुवार, 29 अगस्त 2024
परिवर्तिनी एकादशीशनिवार, 14 सितंबर 2024
इंदिरा एकादशीशुक्रवार, 27 सितंबर 2024
पापांकुशा एकादशीरविवार, 13 अक्टूबर 2024
रमा एकादशीरविवार, 27 अक्टूबर 2024
देवुत्थान एकादशीसोमवार, 11 नवंबर 2024
उत्पन्ना एकादशीमंगलवार, 26 नवंबर 2024
मोक्षदा एकादशीबुधवार, 11 दिसंबर 2024
सफला एकादशीगुरुवार, 26 दिसंबर 2024

महत्व

प्रत्येक चांद्र पक्ष की ग्यारहवीं तिथि एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित पवित्र व्रत-दिवस है। एकादशी व्रत पापनाशक, पुण्यदायक एवं मोक्ष की ओर ले जाने वाला माना जाता है।

वर्ष में 24 एकादशी (अधिक मास वाले वर्ष में 26) होती हैं, प्रत्येक का अपना नाम एवं कथा है।

विधि

भक्त अन्न एवं दलहन का त्याग कर — कुछ निर्जल — विष्णु की पूजा करते, रात्रि जागरण करते तथा अगले प्रातः निर्धारित समय में पारण करते हैं। निर्जला एवं वैकुंठ (पुत्रदा) एकादशी विशेष पुण्यकारी मानी जाती हैं।

वर्ष भर की एकादशी

ऊपर चयनित वर्ष की प्रत्येक एकादशी उसके पारंपरिक नाम एवं पक्ष (शुक्ल/कृष्ण) सहित दी है। तिथियाँ देखने हेतु वर्ष चुनें।

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