एकादशी 2025

स्थान:
वर्ष
पर्वतिथि
पौष पुत्रदा एकादशीगुरुवार, 9 जनवरी 2025
षटतिला एकादशीशनिवार, 25 जनवरी 2025
जया एकादशीशनिवार, 8 फ़रवरी 2025
विजया एकादशीरविवार, 23 फ़रवरी 2025
आमलकी एकादशीरविवार, 9 मार्च 2025
पापमोचनी एकादशीमंगलवार, 25 मार्च 2025
कामदा एकादशीमंगलवार, 8 अप्रैल 2025
वरूथिनी एकादशीबुधवार, 23 अप्रैल 2025
मोहिनी एकादशीबुधवार, 7 मई 2025
अपरा एकादशीशुक्रवार, 23 मई 2025
निर्जला एकादशीशुक्रवार, 6 जून 2025
योगिनी एकादशीशनिवार, 21 जून 2025
देवशयनी एकादशीरविवार, 6 जुलाई 2025
कामिका एकादशीरविवार, 20 जुलाई 2025
श्रावण पुत्रदा एकादशीसोमवार, 4 अगस्त 2025
अजा एकादशीसोमवार, 18 अगस्त 2025
परिवर्तिनी एकादशीबुधवार, 3 सितंबर 2025
इंदिरा एकादशीबुधवार, 17 सितंबर 2025
पापांकुशा एकादशीशुक्रवार, 3 अक्टूबर 2025
रमा एकादशीगुरुवार, 16 अक्टूबर 2025
देवुत्थान एकादशीशनिवार, 1 नवंबर 2025
उत्पन्ना एकादशीशनिवार, 15 नवंबर 2025
मोक्षदा एकादशीसोमवार, 1 दिसंबर 2025
सफला एकादशीसोमवार, 15 दिसंबर 2025
पौष पुत्रदा एकादशीमंगलवार, 30 दिसंबर 2025

महत्व

प्रत्येक चांद्र पक्ष की ग्यारहवीं तिथि एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित पवित्र व्रत-दिवस है। एकादशी व्रत पापनाशक, पुण्यदायक एवं मोक्ष की ओर ले जाने वाला माना जाता है।

वर्ष में 24 एकादशी (अधिक मास वाले वर्ष में 26) होती हैं, प्रत्येक का अपना नाम एवं कथा है।

विधि

भक्त अन्न एवं दलहन का त्याग कर — कुछ निर्जल — विष्णु की पूजा करते, रात्रि जागरण करते तथा अगले प्रातः निर्धारित समय में पारण करते हैं। निर्जला एवं वैकुंठ (पुत्रदा) एकादशी विशेष पुण्यकारी मानी जाती हैं।

वर्ष भर की एकादशी

ऊपर चयनित वर्ष की प्रत्येक एकादशी उसके पारंपरिक नाम एवं पक्ष (शुक्ल/कृष्ण) सहित दी है। तिथियाँ देखने हेतु वर्ष चुनें।

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