प्रदोष व्रत 2027

स्थान:
वर्ष
पर्वतिथि
सोम प्रदोष (कृष्ण)सोमवार, 4 जनवरी 2027
सौम्य प्रदोष (शुक्ल)बुधवार, 20 जनवरी 2027
सौम्य प्रदोष (कृष्ण)बुधवार, 3 फ़रवरी 2027
गुरु प्रदोष (शुक्ल)गुरुवार, 18 फ़रवरी 2027
भृगु प्रदोष (कृष्ण)शुक्रवार, 5 मार्च 2027
शनि प्रदोष (शुक्ल)शनिवार, 20 मार्च 2027
भानु प्रदोष (कृष्ण)रविवार, 4 अप्रैल 2027
भानु प्रदोष (शुक्ल)रविवार, 18 अप्रैल 2027
भौम प्रदोष (कृष्ण)मंगलवार, 4 मई 2027
भौम प्रदोष (शुक्ल)मंगलवार, 18 मई 2027
सौम्य प्रदोष (कृष्ण)बुधवार, 2 जून 2027
सौम्य प्रदोष (शुक्ल)बुधवार, 16 जून 2027
गुरु प्रदोष (कृष्ण)गुरुवार, 1 जुलाई 2027
गुरु प्रदोष (शुक्ल)गुरुवार, 15 जुलाई 2027
शनि प्रदोष (कृष्ण)शनिवार, 31 जुलाई 2027
शनि प्रदोष (शुक्ल)शनिवार, 14 अगस्त 2027
भानु प्रदोष (कृष्ण)रविवार, 29 अगस्त 2027
सोम प्रदोष (शुक्ल)सोमवार, 13 सितंबर 2027
सोम प्रदोष (कृष्ण)सोमवार, 27 सितंबर 2027
भौम प्रदोष (शुक्ल)मंगलवार, 12 अक्टूबर 2027
सौम्य प्रदोष (कृष्ण)बुधवार, 27 अक्टूबर 2027
गुरु प्रदोष (शुक्ल)गुरुवार, 11 नवंबर 2027
गुरु प्रदोष (कृष्ण)गुरुवार, 25 नवंबर 2027
शनि प्रदोष (शुक्ल)शनिवार, 11 दिसंबर 2027
शनि प्रदोष (कृष्ण)शनिवार, 25 दिसंबर 2027

महत्व

प्रत्येक पक्ष की त्रयोदशी को रखा जाने वाला प्रदोष व्रत शिव-पार्वती को समर्पित है। सूर्यास्त के आसपास प्रदोष काल में पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है।

व्रत अपने वार का गुण धारण करता है: सोम प्रदोष (सोमवार) मनोकामना हेतु, भौम प्रदोष (मंगल) आरोग्य हेतु, शनि प्रदोष (शनिवार) संतान हेतु।

विधि

भक्त दिन भर व्रत रखकर प्रदोष काल में शिवलिंग की जल, बेलपत्र एवं दीप से पूजा कर प्रदोष व्रत कथा सुनते हैं। संध्या पूजा के पश्चात पारण होता है।

वर्ष भर के प्रदोष

ऊपर चयनित वर्ष के प्रत्येक प्रदोष उसके वार-आधारित नाम सहित दिए हैं। तिथियाँ देखने हेतु वर्ष चुनें।

अपना व्यक्तिगत पंचांग एवं भविष्यवाणियाँ प्राप्त करें

अपने जन्म पंचांग, मुहूर्त एवं 50+ वैदिक रिपोर्ट हेतु निःशुल्क साइन अप करें।

शुरू करें — निःशुल्क