आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 2026

स्थान:
वर्ष

2026 में, आषाढ़ गुप्त नवरात्रि मंगलवार, 14 जुलाई 2026 को आरंभ होगी और बुधवार, 22 जुलाई 2026 को समाप्त होगी।

पर्वतिथि
प्रतिपदा — माँ शैलपुत्रीमंगलवार, 14 जुलाई 2026
द्वितीया — माँ ब्रह्मचारिणीबुधवार, 15 जुलाई 2026
तृतीया — माँ चंद्रघंटागुरुवार, 16 जुलाई 2026
चतुर्थी — माँ कूष्मांडाशुक्रवार, 17 जुलाई 2026
पंचमी — माँ स्कंदमाताशनिवार, 18 जुलाई 2026
षष्ठी — माँ कात्यायनीरविवार, 19 जुलाई 2026
सप्तमी — माँ कालरात्रिसोमवार, 20 जुलाई 2026
अष्टमी — माँ महागौरीमंगलवार, 21 जुलाई 2026
नवमी — माँ सिद्धिदात्रीबुधवार, 22 जुलाई 2026

महत्व

आषाढ़ गुप्त नवरात्रि दूसरी 'गुप्त' नवरात्रि है, जो वर्षा मास आषाढ़ में पड़ती है। माघ गुप्त नवरात्रि की भाँति यह सार्वजनिक उत्सव के बजाय तीव्र शक्ति एवं महाविद्या साधना हेतु गुप्त रूप से मनाई जाती है।

विधि

नौ दिन घटस्थापना से आरंभ होकर उपवास, जप एवं देवी-पूजा होती है। साधक गूढ़ महाविद्या साधना करते हैं, जबकि सामान्य भक्त नौ दिन नवदुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा करते हैं।

तिथियाँ कैसे तय होती हैं

आषाढ़ गुप्त नवरात्रि आषाढ़ शुक्ल प्रतिपदा से नवमी तक नौ लगातार रातें चलती है; घटस्थापना मुहूर्त प्रथम दिन आपके नगर हेतु दिया है।

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