वैदिक कुंडली क्या है?
वैदिक कुंडली (जन्म कुंडली) आपके जन्म के ठीक समय एवं स्थान पर आकाश का मानचित्र है। पराशर पद्धति एवं लाहिड़ी अयनांश से बनी यह कुंडली नौ ग्रहों, बारह भावों एवं सत्ताईस नक्षत्रों को आपके लग्न के चारों ओर स्थापित करती है — जिससे हर भविष्यवाणी पढ़ी जाती है।
आपकी कुंडली क्या बताती है
- लग्न एवं ग्रह स्थिति — आपका मूल स्वभाव एवं प्रत्येक ग्रह का बल।
- भाव फल — बारह जीवन क्षेत्रों में से प्रत्येक का संभावित फल।
- विंशोत्तरी दशा — जीवन की घटनाओं का समय बताने वाली ग्रह दशाएँ।
- योग एवं दोष — शुभ योग तथा मंगल, काल सर्प एवं साढ़े साती जैसे दोष।
- वर्ग कुंडलियाँ — प्रत्येक क्षेत्र के सूक्ष्म विश्लेषण हेतु षोडशवर्ग (D1–D60)।
- उपाय — रत्न, मंत्र, रुद्राक्ष एवं अनुकूल ग्रहों को बल देने वाले सरल उपाय।
अपनी निःशुल्क कुंडली कैसे बनाएँ
ऊपर दिए फॉर्म में अपना नाम, जन्म तिथि, सही समय एवं स्थान भरें और कुछ ही क्षणों में कुंडली बनाएँ। सबसे महत्वपूर्ण है सही जन्म समय — यही लग्न एवं भाव संधि तय करता है, और इसी पर संपूर्ण विश्लेषण निर्भर है। इसके बाद हर रिपोर्ट देखें, अपनी कुंडली के बारे में उन्नत AI से पूछें, और PDF डाउनलोड करें।