चैत्र नवरात्रि 2025

स्थान:
वर्ष

2025 में, चैत्र नवरात्रि शनिवार, 29 मार्च 2025 को आरंभ हुई और रविवार, 6 अप्रैल 2025 को समाप्त हुई।

पर्वतिथि
प्रतिपदा — माँ शैलपुत्रीशनिवार, 29 मार्च 2025
द्वितीया — माँ ब्रह्मचारिणीरविवार, 30 मार्च 2025
तृतीया — माँ चंद्रघंटासोमवार, 31 मार्च 2025
चतुर्थी — माँ कूष्मांडामंगलवार, 1 अप्रैल 2025
पंचमी — माँ स्कंदमाताबुधवार, 2 अप्रैल 2025
षष्ठी — माँ कात्यायनीगुरुवार, 3 अप्रैल 2025
सप्तमी — माँ कालरात्रिशुक्रवार, 4 अप्रैल 2025
अष्टमी — माँ महागौरीशनिवार, 5 अप्रैल 2025
नवमी — माँ सिद्धिदात्रीरविवार, 6 अप्रैल 2025

महत्व

चैत्र नवरात्रि (वासंतिक नवरात्रि) दो प्रमुख नवरात्रियों में एक है। यह चैत्र शुक्ल प्रतिपदा — गुड़ी पड़वा एवं उगादी वाले दिन — को हिंदू नववर्ष का आरंभ करती है तथा देवी दुर्गा को समर्पित नौ दिन है।

इसका समापन नवमी को राम नवमी — भगवान राम के जन्म — पर होता है।

विधि

पर्व घटस्थापना एवं जौ बोने से आरंभ होकर नौ दिन उपवास, दुर्गा पूजा एवं दुर्गा सप्तशती पाठ होता है। प्रतिदिन नवदुर्गा के स्वरूप की पूजा होती, अंत में कन्या पूजन एवं राम नवमी होती है।

तिथियाँ कैसे तय होती हैं

चैत्र नवरात्रि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से नवमी (राम नवमी) तक नौ लगातार रातें चलती है; घटस्थापना मुहूर्त प्रथम दिन आपके नगर हेतु दिया है।

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