महत्व
माघ गुप्त नवरात्रि वर्ष की दो 'गुप्त' नवरात्रियों में एक है, जो शीत मास माघ में पड़ती है। चैत्र एवं शरद के सार्वजनिक उत्सव के विपरीत यह गुप्त रूप से मनाई जाती है तथा तांत्रिकों एवं साधकों द्वारा तीव्र शक्ति एवं दश-महाविद्या साधना हेतु महत्वपूर्ण मानी जाती है।
विधि
भक्त घटस्थापना से आरंभ कर नौ दिन उपवास, मौन जप एवं देवी-पूजा करते हैं — अनेक गूढ़ महाविद्या साधना करते हैं। सामान्य भक्त इसे अन्य नवरात्रियों की भाँति नवदुर्गा की पूजा करते हुए मनाते हैं।
तिथियाँ कैसे तय होती हैं
माघ गुप्त नवरात्रि माघ शुक्ल प्रतिपदा से नवमी तक नौ लगातार रातें चलती है; घटस्थापना मुहूर्त प्रथम दिन आपके नगर हेतु दिया है।