इस माह: अगस्त 2026, श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया से प्रारंभ, जो एक गंभीर चिंतन और संयम की मनोदशा लेकर आ रहा है।
आत्म-मंथन और नई ऊर्जा का संगम
यह माह आपके लिए बाहरी शोर के बजाय आंतरिक स्थिरता खोजने का समय है। माह का आरंभ कुछ मानसिक उलझनों और खर्चों के दबाव से होगा, क्योंकि सूर्य और गुरु की स्थिति आपको एकांत की ओर ले जाएगी। हालांकि, जैसे-जैसे माह आगे बढ़ेगा, ग्रहों का गोचर आपके आत्मविश्वास को पुनः जगाएगा। विशेष रूप से माह के उत्तरार्ध में सूर्य का अपनी मूलत्रिकोण राशि में प्रवेश आपके व्यक्तित्व में एक नई चमक और नेतृत्व क्षमता लेकर आएगा। यह समय पुराने ढर्रों को छोड़कर अनुशासित जीवन अपनाने का है, ताकि आप आने वाले अवसरों का लाभ उठा सकें।
इस माह प्रमुख ग्रह-गति
माह की शुरुआत में 1 तारीख को शुक्र का नीच राशि में प्रवेश धन और संबंधों में कुछ असंतोष ला सकता है। 2 तारीख के आसपास मंगल का राशि परिवर्तन आपके पराक्रम को प्रभावित करेगा, जिससे लाभ के क्षेत्रों में थोड़ी अस्थिरता रह सकती है। 5 तारीख को बुध का गोचर खर्चों में वृद्धि और अनिद्रा जैसी स्थिति बना सकता है। 13 तारीख के बाद गुरु का उदय होना आपके विवेक को स्पष्ट करेगा, हालांकि 14 तारीख को बुध के अस्त होने से संवाद में कुछ कमी आएगी। 17 तारीख से सूर्य का आपके प्रथम भाव में प्रवेश आपको ऊर्जावान बनाएगा और 22 तारीख के आसपास बुध का प्रवेश आपकी बौद्धिक क्षमता को बल देगा।
इस माह जीवन-क्षेत्र
- स्वास्थ्य एवं ऊर्जा: शनि की वक्री स्थिति के कारण पुरानी बीमारियों या पैरों में सुस्ती महसूस हो सकती है। कड़े अनुशासन के साथ नियमित व्यायाम और समय पर निद्रा को प्राथमिकता दें।
- प्रेम, परिवार एवं संबंध: राहु की उपस्थिति संबंधों में भ्रम और गलतफहमी पैदा कर सकती है। किसी भी विवाद में पड़ने के बजाय रणनीतिक ठहराव अपनाएं और मौन रहें।
- शिक्षा एवं विद्यार्थी: एकाग्रता में कमी और पढ़ाई में आलस्य आपको पीछे धकेल सकता है। एक सख्त समय-सारणी बनाएं और बिना भटकाव के अपने लक्ष्यों पर केंद्रित रहें।
- साहस एवं पराक्रम: मंगल के गोचर से निर्णय लेने में जल्दबाजी और अनावश्यक क्रोध आने की संभावना है। किसी भी बड़े कदम को उठाने से पहले अनुभवी व्यक्तियों की सलाह लें।
- धन एवं वित्त: शुक्र की नीच स्थिति के कारण अनावश्यक खर्चों में वृद्धि और बजट बिगड़ सकता है। विलासिता की वस्तुओं पर व्यय कम करें और वित्तीय अनुशासन बनाए रखें।
- कार्य एवं करियर: करियर में कुछ रुकावटें और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वैचारिक मतभेद उभर सकते हैं। अपने कार्य के प्रति निष्ठा रखें और विवादों से दूर रहकर केवल परिणाम पर ध्यान दें।
- व्यापार एवं वाणिज्य: व्यापारिक लेन-देन में देरी और कागजी कार्यवाही में त्रुटियां होने की आशंका है। हर दस्तावेज़ की बारीकी से जांच करें और नए निवेश में जल्दबाजी न करें।
माह का उपाय
शनि — भगवान शिव
मंत्र: "ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः" (Om Praam Preem Proum Sah Shanaishcharaya Namah) — प्रातःकाल पूर्व दिशा की ओर 108 बार (एक माला) जप करें।
उपाय: शनिवार को काले तिल और सरसों के तेल का दीपक पीपल के वृक्ष के नीचे प्रज्वलित करें।
लाभ: इससे मानसिक बाधाएं दूर होंगी और करियर में स्थिरता आएगी।
इस माह शुभ
रंगसुनहरा
अंक1, 5
अनुकूल तिथियाँ17, 19, 22, 25