नामकरण विधी मुहूर्त in 2027

साठी:
वर्ष
दिनांकप्रारंभसमाप्ती
शुक्र, १, जाने २०२७01:10 PM06:43 AM (२ जाने)
रवि, ३, जाने २०२७09:37 PM06:44 AM (४ जाने)
सोम, ४, जाने २०२७06:44 AM12:15 AM (५ जाने)
शुक्र, ८, जाने २०२७09:13 AM06:45 AM (९ जाने)
रवि, १०, जाने २०२७06:45 AM03:12 PM
बुध, १३, जाने २०२७10:04 PM06:45 AM (१४ जाने)
गुरु, १४, जाने २०२७06:45 AM06:45 AM (१५ जाने)
शुक्र, १५, जाने २०२७06:45 AM06:45 AM (१६ जाने)
सोम, १८, जाने २०२७09:05 PM06:44 AM (१९ जाने)
बुध, २०, जाने २०२७06:44 AM04:17 PM
शुक्र, २२, जाने २०२७10:25 AM06:44 AM (२३ जाने)
बुध, २७, जाने २०२७06:43 AM06:42 AM (२८ जाने)
गुरु, २८, जाने २०२७06:42 AM06:42 AM (२९ जाने)
शुक्र, २९, जाने २०२७06:42 AM01:54 AM (३० जाने)
रवि, ३१, जाने २०२७06:41 AM06:28 AM (१ फेब्रु)
गुरु, ४, फेब्रु २०२७03:32 PM04:31 PM
रवि, ७, फेब्रु २०२७11:49 PM06:37 AM (८ फेब्रु)
सोम, ८, फेब्रु २०२७06:37 AM01:57 AM (९ फेब्रु)
बुध, १०, फेब्रु २०२७03:05 AM (११ फेब्रु)06:35 AM (११ फेब्रु)
गुरु, ११, फेब्रु २०२७06:35 AM06:35 AM (१२ फेब्रु)
शुक्र, १२, फेब्रु २०२७06:35 AM05:56 AM (१३ फेब्रु)
सोम, १५, फेब्रु २०२७10:44 PM06:32 AM (१६ फेब्रु)
गुरु, १८, फेब्रु २०२७09:06 PM06:29 AM (१९ फेब्रु)
शुक्र, १९, फेब्रु २०२७06:29 AM11:14 AM
सोम, २२, फेब्रु २०२७11:55 AM06:26 AM (२३ फेब्रु)
बुध, २४, फेब्रु २०२७08:40 PM06:24 AM (२५ फेब्रु)
गुरु, २५, फेब्रु २०२७06:24 AM06:24 AM (२६ फेब्रु)
शुक्र, २६, फेब्रु २०२७06:24 AM10:13 AM
रवि, २८, फेब्रु २०२७06:22 AM01:47 PM
बुध, ३, मार्च २०२७10:34 PM06:18 AM (४ मार्च)
गुरु, ४, मार्च २०२७06:18 AM06:17 AM (५ मार्च)
शुक्र, ५, मार्च २०२७06:17 AM04:20 AM (६ मार्च)
बुध, १०, मार्च २०२७06:12 AM06:11 AM (११ मार्च)
गुरु, ११, मार्च २०२७06:11 AM03:37 PM
रवि, १४, मार्च २०२७10:23 AM06:07 AM (१५ मार्च)
सोम, १५, मार्च २०२७06:07 AM06:06 AM (१६ मार्च)
बुध, १७, मार्च २०२७05:07 AM (१८ मार्च)06:04 AM (१८ मार्च)
गुरु, १८, मार्च २०२७06:04 AM03:21 AM (१९ मार्च)
रवि, २१, मार्च २०२७10:07 PM06:00 AM (२२ मार्च)
सोम, २२, मार्च २०२७06:00 AM05:59 AM (२३ मार्च)
बुध, २४, मार्च २०२७05:58 AM05:57 AM (२५ मार्च)
गुरु, २५, मार्च २०२७05:57 AM12:38 PM
शुक्र, २६, मार्च २०२७08:36 PM05:55 AM (२७ मार्च)
बुध, ३१, मार्च २०२७10:16 PM05:49 AM (१ एप्रि)
गुरु, १, एप्रि २०२७05:49 AM05:48 AM (२ एप्रि)
शुक्र, २, एप्रि २०२७05:48 AM12:16 PM
रवि, ४, एप्रि २०२७05:46 AM04:33 PM
बुध, ७, एप्रि २०२७05:43 AM05:42 AM (८ एप्रि)
गुरु, ८, एप्रि २०२७05:42 AM05:59 PM
रवि, ११, एप्रि २०२७05:39 AM05:38 AM (१२ एप्रि)
सोम, १२, एप्रि २०२७05:38 AM01:34 PM
बुध, १४, एप्रि २०२७10:52 AM03:24 PM
रवि, १८, एप्रि २०२७06:06 AM05:32 AM (१९ एप्रि)
बुध, २१, एप्रि २०२७05:30 AM04:44 AM (२२ एप्रि)
शुक्र, २३, एप्रि २०२७05:32 AM04:21 AM (२४ एप्रि)
बुध, २८, एप्रि २०२७05:24 AM05:23 AM (२९ एप्रि)
गुरु, २९, एप्रि २०२७05:23 AM03:01 PM
शुक्र, ३०, एप्रि २०२७11:10 PM05:22 AM (१ मे)
रवि, २, मे २०२७02:40 AM (३ मे)05:20 AM (३ मे)
सोम, ३, मे २०२७05:20 AM05:20 AM (४ मे)
शुक्र, ७, मे २०२७11:42 PM05:17 AM (८ मे)
रवि, ९, मे २०२७05:16 AM09:03 AM
बुध, १२, मे २०२७05:14 AM02:56 PM
रवि, १६, मे २०२७05:12 AM05:12 AM (१७ मे)
सोम, १७, मे २०२७05:12 AM05:11 AM (१८ मे)
गुरु, २०, मे २०२७01:21 PM05:10 AM (२१ मे)
शुक्र, २१, मे २०२७05:10 AM02:51 PM
सोम, २४, मे २०२७10:59 PM05:09 AM (२५ मे)
बुध, २६, मे २०२७05:08 AM04:19 AM (२७ मे)
शुक्र, २८, मे २०२७07:14 AM05:08 AM (२९ मे)
रवि, ३०, मे २०२७11:32 AM05:07 AM (३१ मे)
सोम, ३१, मे २०२७05:07 AM05:07 AM (१ जून)
बुध, २, जून २०२७05:07 AM12:16 PM
शुक्र, ४, जून २०२७01:10 AM (५ जून)05:07 AM (५ जून)
शुक्र, ११, जून २०२७05:27 PM03:45 AM (१२ जून)
रवि, १३, जून २०२७05:06 AM05:07 AM (१४ जून)
सोम, १४, जून २०२७05:07 AM05:07 AM (१५ जून)
बुध, १६, जून २०२७07:44 PM03:20 AM (१७ जून)
सोम, २१, जून २०२७05:08 AM05:08 AM (२२ जून)
गुरु, २४, जून २०२७02:21 PM05:09 AM (२५ जून)
शुक्र, २५, जून २०२७05:09 AM05:07 PM
रवि, २७, जून २०२७05:09 AM10:45 PM
सोम, २८, जून २०२७10:49 PM05:10 AM (२९ जून)
गुरु, १, जुलै २०२७07:31 PM05:11 AM (२ जुलै)
शुक्र, २, जुलै २०२७05:11 AM03:23 PM
सोम, ५, जुलै २०२७09:19 AM05:12 AM (६ जुलै)
गुरु, ८, जुलै २०२७12:18 AM (९ जुलै)05:14 AM (९ जुलै)
शुक्र, ९, जुलै २०२७05:14 AM05:14 AM (१० जुलै)
रवि, ११, जुलै २०२७05:14 AM11:50 AM
सोम, १२, जुलै २०२७11:41 AM11:56 PM
बुध, १४, जुलै २०२७05:16 AM03:18 AM (१५ जुलै)
रवि, १८, जुलै २०२७11:18 AM05:18 AM (१९ जुलै)
सोम, १९, जुलै २०२७05:18 AM05:18 AM (२० जुलै)
बुध, २१, जुलै २०२७08:34 PM04:47 AM (२२ जुलै)
शुक्र, २३, जुलै २०२७01:53 AM (२४ जुलै)05:20 AM (२४ जुलै)
रवि, २५, जुलै २०२७05:21 AM05:21 AM (२६ जुलै)
सोम, २६, जुलै २०२७05:21 AM05:22 AM (२७ जुलै)
गुरु, २९, जुलै २०२७05:23 AM05:23 AM (३० जुलै)
शुक्र, ३०, जुलै २०२७05:23 AM01:24 AM (३१ जुलै)
सोम, २, ऑग २०२७03:35 PM05:09 PM
गुरु, ५, ऑग २०२७02:27 AM (६ ऑग)05:27 AM (६ ऑग)
शुक्र, ६, ऑग २०२७05:27 AM05:27 AM (७ ऑग)
रवि, ८, ऑग २०२७05:28 AM05:28 AM (९ ऑग)
सोम, ९, ऑग २०२७05:28 AM06:22 AM
बुध, ११, ऑग २०२७05:29 AM09:14 AM
रवि, १५, ऑग २०२७05:31 AM07:54 AM
सोम, १६, ऑग २०२७10:29 AM11:34 PM
बुध, १८, ऑग २०२७05:32 AM05:15 AM (१९ ऑग)
शुक्र, २०, ऑग २०२७07:39 AM06:53 PM
रवि, २२, ऑग २०२७05:34 AM05:34 AM (२३ ऑग)
सोम, २३, ऑग २०२७05:34 AM12:11 PM
बुध, २५, ऑग २०२७12:28 PM07:20 PM
गुरु, २६, ऑग २०२७05:39 PM05:36 AM (२७ ऑग)
शुक्र, २७, ऑग २०२७05:36 AM10:22 AM
रवि, २९, ऑग २०२७06:17 AM03:45 AM (३० ऑग)
बुध, १, सप्टें २०२७07:48 PM05:38 AM (२ सप्टें)
गुरु, २, सप्टें २०२७05:38 AM05:39 AM (३ सप्टें)
शुक्र, ३, सप्टें २०२७05:39 AM02:19 PM
रवि, ५, सप्टें २०२७05:39 AM02:30 PM
सोम, ६, सप्टें २०२७02:59 PM05:40 AM (७ सप्टें)
शुक्र, १०, सप्टें २०२७11:50 PM05:42 AM (११ सप्टें)
रवि, १२, सप्टें २०२७05:42 AM05:42 AM (१३ सप्टें)
बुध, १५, सप्टें २०२७05:43 AM11:33 AM
गुरु, १६, सप्टें २०२७01:44 PM05:44 AM (१७ सप्टें)
शुक्र, १७, सप्टें २०२७05:44 AM05:44 AM (१८ सप्टें)
रवि, १९, सप्टें २०२७05:45 AM07:09 AM
बुध, २२, सप्टें २०२७05:46 AM05:46 AM (२३ सप्टें)
गुरु, २३, सप्टें २०२७05:46 AM05:07 PM
रवि, २६, सप्टें २०२७05:47 AM12:38 PM
गुरु, ३०, सप्टें २०२७08:06 AM05:49 AM (१ ऑक्टो)
शुक्र, १, ऑक्टो २०२७05:49 AM05:50 AM (२ ऑक्टो)
रवि, ३, ऑक्टो २०२७01:28 AM (४ ऑक्टो)05:51 AM (४ ऑक्टो)
सोम, ४, ऑक्टो २०२७05:51 AM12:44 AM (५ ऑक्टो)
रवि, १०, ऑक्टो २०२७05:53 AM01:25 PM
सोम, ११, ऑक्टो २०२७04:21 PM05:54 AM (१२ ऑक्टो)
गुरु, १४, ऑक्टो २०२७06:49 PM05:56 AM (१५ ऑक्टो)
शुक्र, १५, ऑक्टो २०२७05:56 AM05:56 AM (१६ ऑक्टो)
बुध, २०, ऑक्टो २०२७05:58 AM10:30 PM
शुक्र, २२, ऑक्टो २०२७08:25 PM06:00 AM (२३ ऑक्टो)
बुध, २७, ऑक्टो २०२७06:02 AM10:50 PM
शुक्र, २९, ऑक्टो २०२७07:06 PM06:04 AM (३० ऑक्टो)
रवि, ३१, ऑक्टो २०२७09:31 AM06:05 AM (१ नोव्हें)
सोम, १, नोव्हें २०२७06:05 AM09:57 AM
गुरु, ४, नोव्हें २०२७03:25 PM06:07 AM (५ नोव्हें)
शुक्र, ५, नोव्हें २०२७06:07 AM06:08 AM (६ नोव्हें)
रवि, ७, नोव्हें २०२७05:24 AM (८ नोव्हें)06:09 AM (८ नोव्हें)
सोम, ८, नोव्हें २०२७06:09 AM03:14 AM (९ नोव्हें)
बुध, १०, नोव्हें २०२७06:11 AM06:11 AM (११ नोव्हें)
गुरु, ११, नोव्हें २०२७06:11 AM06:12 AM (१२ नोव्हें)
शुक्र, १२, नोव्हें २०२७06:12 AM10:21 AM
सोम, १५, नोव्हें २०२७07:06 AM06:15 AM (१६ नोव्हें)
गुरु, १८, नोव्हें २०२७01:52 AM (१९ नोव्हें)06:17 AM (१९ नोव्हें)
शुक्र, १९, नोव्हें २०२७06:17 AM12:27 AM (२० नोव्हें)
सोम, २२, नोव्हें २०२७08:43 PM06:20 AM (२३ नोव्हें)
बुध, २४, नोव्हें २०२७06:21 AM06:21 AM (२५ नोव्हें)
गुरु, २५, नोव्हें २०२७06:21 AM06:22 AM (२६ नोव्हें)
शुक्र, २६, नोव्हें २०२७06:22 AM09:48 AM
रवि, २८, नोव्हें २०२७08:54 AM06:40 PM
गुरु, २, डिसें २०२७01:44 PM06:27 AM (३ डिसें)
शुक्र, ३, डिसें २०२७06:27 AM05:33 AM (४ डिसें)
रवि, ५, डिसें २०२७08:41 AM06:29 AM (६ डिसें)
सोम, ६, डिसें २०२७06:29 AM11:40 AM
बुध, ८, डिसें २०२७06:30 AM06:31 AM (९ डिसें)
गुरु, ९, डिसें २०२७06:31 AM06:32 AM (१० डिसें)
शुक्र, १०, डिसें २०२७06:32 AM05:54 PM
रवि, १२, डिसें २०२७11:55 PM06:34 AM (१३ डिसें)
सोम, १३, डिसें २०२७06:34 AM06:34 AM (१४ डिसें)
गुरु, १६, डिसें २०२७09:13 AM01:22 PM
रवि, १९, डिसें २०२७02:07 AM (२० डिसें)06:38 AM (२० डिसें)
सोम, २०, डिसें २०२७06:38 AM01:53 AM (२१ डिसें)
बुध, २२, डिसें २०२७06:39 AM06:39 AM (२३ डिसें)
गुरु, २३, डिसें २०२७06:39 AM12:17 AM (२४ डिसें)
शुक्र, २४, डिसें २०२७12:50 AM (२५ डिसें)06:40 AM (२५ डिसें)
बुध, २९, डिसें २०२७07:25 AM06:42 AM (३० डिसें)
गुरु, ३०, डिसें २०२७06:42 AM06:43 AM (३१ डिसें)
शुक्र, ३१, डिसें २०२७06:43 AM08:12 AM

नामकरण संस्कार

नामकरण, म्हणजेच बाळाला नाव देण्याचा विधी, हा हिंदू धर्मातील सोळा संस्कारांपैकी एक महत्त्वाचा संस्कार आहे. हा विधी पारंपारिकपणे सुतक काळ संपल्यानंतर (साधारणपणे अकराव्या किंवा बाराव्या दिवसापासून) केला जातो. मुलाचे आरोग्य, दीर्घायुष्य आणि उज्ज्वल भविष्य यासाठी हा संस्कार शुभ मुहूर्तावर करणे अत्यंत फलदायी मानले जाते.

नामकरण मुहूर्त: बाळाच्या नावासाठी शुभ वेळ निवडणे

हिंदू परंपरेनुसार नामकरण हा सोळा संस्कारांमधील एक मुख्य संस्कार आहे. हा तो क्षण असतो जेव्हा नवजात बालकाला अधिकृत नाव दिले जाते आणि त्याची ओळख कुटुंब, समाज आणि जगाशी करून दिली जाते. केवळ एक सामाजिक सोहळा न राहता, योग्य मुहूर्तावर हा विधी केल्यास बाळाचे आरोग्य, आयुष्य आणि भविष्यातील सुख-समृद्धी वाढते असे मानले जाते.

नामकरणाचा मुहूर्त हा पंचांगावरून, जन्मानंतरचा सुतक काळ संपल्यानंतर निवडला जातो. शास्त्रीय नियमांनुसार, वार, तिथी आणि नक्षत्र यांचे अनुकूल संयोजन असावे, जेणेकरून बाळाच्या नावाचा प्रारंभ सकारात्मक आणि शुभ वातावरणात होईल.

नामकरण विधी कधी केला जातो?

बहुतेक परंपरांमध्ये सुतक काळ संपल्यानंतर, जन्मानंतरच्या अकराव्या किंवा बाराव्या दिवशी हा विधी करण्यास प्राधान्य दिले जाते. काही कुटुंबांत दहाव्या दिवशी, तर काही ठिकाणी सोळाव्या, एकविसाव्या, १०१ व्या दिवशी किंवा काही वेळा पहिल्या वाढदिवसालाही हा विधी केला जातो. मुख्य अट अशी असते की, हा संस्कार शुद्धीकरणाचा काळ संपल्यानंतर आणि शुभ ग्रहांच्या अनुकूल स्थितीमध्येच व्हावा.

उत्तम नामकरण मुहूर्तासाठी शास्त्रीय मार्गदर्शक तत्त्वे

अनुकूल वार

साधारणपणे रविवार, सोमवार, बुधवार, गुरुवार आणि शुक्रवार हे वार शुभ मानले जातात. मंगळवार आणि शनिवार हे वार नामकरण संस्कारासाठी टाळले जातात.

अनुकूल तिथी

चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी आणि अमावास्या वगळता इतर बहुतेक तिथी स्वीकार्य असतात. शक्य असल्यास शुक्ल पक्षातील तिथींना अधिक प्राधान्य दिले जाते.

अनुकूल नक्षत्रे

सौम्य, पोषण करणाऱ्या आणि स्थिर नक्षत्रांची शिफारस केली जाते. सामान्यतः खालील नक्षत्रे शुभ मानली जातात:

- अश्विनी

- रोहिणी

- मृगशिरा

- पुष्य

- उत्तरा फाल्गुनी

- हस्त

- चित्रा

- स्वाती

- अनुराधा

- उत्तराषाढा

- श्रवण

- शततारका

- उत्तराभाद्रपदा

- रेवती

ही नक्षत्रे आरोग्य, बुद्धिमत्ता, संरक्षण आणि सर्वांगीण विकासाशी संबंधित आहेत. उग्र किंवा तीक्ष्ण नक्षत्रे या विधीसाठी साधारणपणे टाळली जातात.

टाळावे लागणारे काळ

राहू काळ, यमगंडा आणि गुलिक काळ या काळात हा विधी करू नये. तसेच सुतक काळात, ग्रहणांच्या दिवशी किंवा इतर कोणत्याही अत्यंत अशुभ योगामध्ये नामकरण करू नये.

नावाची निवड

शास्त्रीय पद्धतीनुसार, बाळाच्या नावाचे पहिले अक्षर हे त्याच्या जन्म नक्षत्राच्या 'पादा'वरून ठरवले जाते. २७ नक्षत्रांपैकी प्रत्येक नक्षत्र चार पादांत विभागलेले असते आणि प्रत्येक पादासाठी विशिष्ट अक्षरे निश्चित केलेली असतात. ज्योतिषी किंवा कुटुंबातील जाणकार व्यक्ती जन्मकुंडलीवरून योग्य अक्षर सांगतात आणि त्यानंतर कुटुंब त्या अक्षरावरून एक अर्थपूर्ण नाव निवडते. अनेक घरांत एक नक्षत्र-आधारित औपचारिक नाव आणि एक रोजच्या वापरासाठीचे टोपणनाव असे दोन्ही ठेवले जाते.

मुहूर्ताचा वापर कसा करावा?

मुहूर्ताची गणना स्थानिक सूर्योदयापासून दुसऱ्या दिवशीच्या सूर्योदयापर्यंत केली जाते, त्यामुळे भौगोलिक स्थानानुसार वेळेत बदल होतो. शुभ दिवसात प्रामुख्याने सकाळची वेळ अधिक पसंत केली जाते. अधिक अचूकतेसाठी अमृत, शुभ किंवा लाभ यांसारख्या 'चोघडिया' काळाचा वापर केला जाऊ शकतो. निवडलेल्या शुभ वेळेतच बाळाच्या कानात नाव सांगून विधी पूर्ण करणे आदर्श मानले जाते.

विधीची रूपरेषा

प्रादेशिक प्रथा वेगवेगळ्या असल्या तरी मुख्य विधी सारखाच असतो. घर स्वच्छ करून सजवले जाते. एक साधी होम किंवा पूजा केली जाते. वडील, आजोबा किंवा गुरुजी बाळाच्या उजव्या कानात निवडलेले नाव तीन वेळा हळूवारपणे सांगतात. वडीलधारे आशीर्वाद देतात आणि बाळाची ओळख उपस्थित नातेवाईकांशी करून दिली जाते. संपूर्ण वातावरणात सकारात्मकता, शुद्धता आणि आनंद असतो.

काही व्यावहारिक बाबी

शुभ मुहूर्त हा पालकांचे प्रेम, योग्य वैद्यकीय काळजी आणि संस्कारांची जागा घेऊ शकत नाही. तो केवळ मुलाच्या जीवनाची सुरुवात शुभ परिस्थितीमध्ये करण्यासाठी एक पारंपरिक आधार आहे. जर सुरुवातीला योग्य मुहूर्त मिळाला नाही, तर पहिल्या वर्षात कोणत्याही शुभ तारखेला हा विधी करणे स्वीकार्य असते.

ज्यांना अधिक सखोल विश्लेषण हवे आहे, ते बाळाची जन्मकुंडली तपासून निवडलेला दिवस आणि नाव जन्मवेळच्या ग्रहांच्या स्थितीशी सुसंगत आहे का, याची खात्री करून घेऊ शकतात. मात्र, बहुतांश प्रकरणांत दैनिक पंचांगावर आधारित सामान्य शुभ मुहूर्त पुरेसा मानला जातो.

ही परंपरा का सुरू आहे?

बाळाला नाव देणे ही केवळ एक गरज नसून ती एक पवित्र ओळख आहे. या कार्यासाठी शुभ वेळ निवडणे, हे या विचारातून आले आहे की जीवनातील प्रत्येक सुरुवातीचा भविष्यावर प्रभाव पडतो. जेव्हा योग्य वेळ, अर्थपूर्ण नाव आणि कुटुंबाचे मंगल विचार एकत्र येतात, तेव्हा नामकरण संस्कार मुलाच्या पुढील आयुष्यासाठी एक भक्कम आणि सकारात्मक पाया रचतो.

स्थानिक वेळ आणि पंचांगातील वार, तिथी आणि नक्षत्रांचा विचार करून काढलेले अचूक नामकरण मुहूर्त तुम्हाला योग्य वेळ निवडण्यास मदत करतात.

वेळ तुमच्या शहरावर कशी अवलंबून असते?

प्रत्येक मुहूर्त हा त्या दिवसाच्या 'वारा'नुसार — म्हणजे एका सूर्योदयापासून दुसऱ्या सूर्योदयापर्यंत — असतो, त्यामुळे तुमच्या शहराच्या सूर्योदयाच्या वेळेनुसार यात बदल होतो. अचूक वेळ पाहण्यासाठी कृपया तुमचे शहर निवडा.

नेहमी विचारले जाणारे प्रश्न

परंपरेनुसार, सूतक काळ संपल्यानंतर — सहसा अकराव्या किंवा बाराव्या दिवशी — वर नमूद केल्याप्रमाणे शुभ वार, तिथी आणि नक्षत्रात हे विधी करावेत.

अश्विनी, रोहिणी, मृगशिरा, पुष्य, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाती, अनुराधा, उत्तराषाढा, श्रवण, शततारका, उत्तरा भाद्रपदा आणि रेवती.

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