मालमत्ता खरेदीसाठी शुभ मुहूर्त in 2027

साठी:
वर्ष
दिनांकप्रारंभसमाप्ती
शुक्र, १, जाने २०२७01:10 PM05:29 PM
सोम, ४, जाने २०२७06:16 PM12:15 AM (५ जाने)
शुक्र, ८, जाने २०२७04:34 AM (९ जाने)06:45 AM (९ जाने)
शनि, ९, जाने २०२७06:45 AM06:45 AM (१० जाने)
रवि, १०, जाने २०२७06:45 AM06:45 AM (११ जाने)
सोम, ११, जाने २०२७06:45 AM09:28 AM
मंगळ, १२, जाने २०२७11:29 AM08:14 PM
गुरु, १४, जाने २०२७01:59 PM06:45 AM (१५ जाने)
शुक्र, १५, जाने २०२७06:45 AM02:13 PM
सोम, १८, जाने २०२७09:05 PM06:44 AM (१९ जाने)
मंगळ, १९, जाने २०२७06:44 AM07:50 AM
मंगळ, १९, जाने २०२७04:41 AM (२० जाने)06:44 AM (२० जाने)
बुध, २०, जाने २०२७06:44 AM04:17 PM
मंगळ, २६, जाने २०२७12:06 AM (२७ जाने)04:33 AM (२७ जाने)
बुध, २७, जाने २०२७03:54 AM (२८ जाने)06:42 AM (२८ जाने)
गुरु, २८, जाने २०२७06:42 AM12:32 AM (२९ जाने)
रवि, ३१, जाने २०२७06:41 AM06:28 AM (१ फेब्रु)
गुरु, ४, फेब्रु २०२७03:32 PM04:31 PM
रवि, ७, फेब्रु २०२७11:27 PM06:37 AM (८ फेब्रु)
सोम, ८, फेब्रु २०२७06:37 AM01:57 AM (९ फेब्रु)
बुध, १०, फेब्रु २०२७03:05 AM (११ फेब्रु)06:35 AM (११ फेब्रु)
गुरु, ११, फेब्रु २०२७06:35 AM03:18 AM (१२ फेब्रु)
शुक्र, १२, फेब्रु २०२७02:59 AM (१३ फेब्रु)05:56 AM (१३ फेब्रु)
सोम, १५, फेब्रु २०२७10:44 PM06:32 AM (१६ फेब्रु)
मंगळ, १६, फेब्रु २०२७06:32 AM01:38 AM (१७ फेब्रु)
गुरु, १८, फेब्रु २०२७09:06 PM06:29 AM (१९ फेब्रु)
शुक्र, १९, फेब्रु २०२७06:29 AM11:14 AM
मंगळ, २३, फेब्रु २०२७10:28 AM09:49 PM
बुध, २४, फेब्रु २०२७08:40 PM06:24 AM (२५ फेब्रु)
गुरु, २५, फेब्रु २०२७06:24 AM09:33 AM
शनि, २७, फेब्रु २०२७11:40 AM09:55 PM
बुध, ३, मार्च २०२७10:34 PM06:18 AM (४ मार्च)
गुरु, ४, मार्च २०२७06:18 AM07:24 AM
शुक्र, ५, मार्च २०२७09:54 AM06:16 AM (६ मार्च)
शनि, ६, मार्च २०२७06:16 AM12:04 PM
मंगळ, ९, मार्च २०२७03:41 PM06:12 AM (१० मार्च)
बुध, १०, मार्च २०२७06:12 AM06:11 AM (११ मार्च)
गुरु, ११, मार्च २०२७06:11 AM03:37 PM
रवि, १४, मार्च २०२७12:32 PM06:07 AM (१५ मार्च)
सोम, १५, मार्च २०२७06:07 AM10:51 AM
बुध, १७, मार्च २०२७05:07 AM (१८ मार्च)06:04 AM (१८ मार्च)
गुरु, १८, मार्च २०२७06:04 AM01:51 AM (१९ मार्च)
मंगळ, २३, मार्च २०२७02:28 PM05:58 AM (२४ मार्च)
बुध, २४, मार्च २०२७05:58 AM07:25 PM
शुक्र, २६, मार्च २०२७08:36 PM05:55 AM (२७ मार्च)
शनि, २७, मार्च २०२७05:55 AM01:33 PM
बुध, ३१, मार्च २०२७10:16 PM05:49 AM (१ एप्रि)
गुरु, १, एप्रि २०२७05:49 AM05:48 AM (२ एप्रि)
शुक्र, २, एप्रि २०२७05:48 AM02:52 AM (३ एप्रि)
शनि, ३, एप्रि २०२७04:27 AM (४ एप्रि)05:46 AM (४ एप्रि)
रवि, ४, एप्रि २०२७05:46 AM04:33 PM
बुध, ७, एप्रि २०२७04:29 AM (८ एप्रि)05:42 AM (८ एप्रि)
गुरु, ८, एप्रि २०२७05:42 AM05:59 PM
शनि, १०, एप्रि २०२७11:40 PM05:39 AM (११ एप्रि)
रवि, ११, एप्रि २०२७05:39 AM09:40 PM
शुक्र, २३, एप्रि २०२७05:32 AM04:21 AM (२४ एप्रि)
मंगळ, २७, एप्रि २०२७02:25 PM05:24 AM (२८ एप्रि)
बुध, २८, एप्रि २०२७05:24 AM12:31 PM
शुक्र, ३०, एप्रि २०२७05:14 PM05:22 AM (१ मे)
शनि, १, मे २०२७05:22 AM01:16 AM (२ मे)
सोम, ३, मे २०२७08:04 PM05:20 AM (४ मे)
मंगळ, ४, मे २०२७05:20 AM07:31 PM
शुक्र, ७, मे २०२७11:42 PM05:17 AM (८ मे)
शनि, ८, मे २०२७05:17 AM05:16 AM (९ मे)
रवि, ९, मे २०२७05:16 AM09:03 AM
मंगळ, ११, मे २०२७01:24 AM (१२ मे)05:14 AM (१२ मे)
बुध, १२, मे २०२७05:14 AM02:56 PM
रवि, १६, मे २०२७11:35 AM05:13 PM
सोम, १७, मे २०२७04:28 PM05:11 AM (१८ मे)
मंगळ, १८, मे २०२७05:11 AM11:43 AM
सोम, २४, मे २०२७10:59 PM05:09 AM (२५ मे)
मंगळ, २५, मे २०२७05:09 AM01:31 AM (२६ मे)
बुध, २६, मे २०२७04:05 AM (२७ मे)05:08 AM (२७ मे)
गुरु, २७, मे २०२७05:08 AM05:08 AM (२८ मे)
शुक्र, २८, मे २०२७05:08 AM06:26 AM
रवि, ३०, मे २०२७11:32 AM05:07 AM (३१ मे)
सोम, ३१, मे २०२७05:07 AM05:07 AM (१ जून)
मंगळ, १, जून २०२७05:07 AM09:40 AM
बुध, २, जून २०२७08:29 AM12:16 PM
शनि, ५, जून २०२७09:59 PM04:37 AM (६ जून)
मंगळ, ८, जून २०२७12:22 PM09:37 PM
शनि, १२, जून २०२७02:44 AM (१३ जून)05:06 AM (१३ जून)
रवि, १३, जून २०२७05:06 AM05:07 AM (१४ जून)
सोम, १४, जून २०२७05:07 AM05:28 PM
बुध, १६, जून २०२७07:44 PM03:20 AM (१७ जून)
सोम, २१, जून २०२७05:08 AM05:08 AM (२२ जून)
मंगळ, २२, जून २०२७05:08 AM01:07 PM
बुध, २३, जून २०२७03:43 PM05:08 AM (२४ जून)
गुरु, २४, जून २०२७05:08 AM06:10 PM
शनि, २६, जून २०२७07:23 PM09:52 PM
सोम, २८, जून २०२७10:49 PM05:10 AM (२९ जून)
मंगळ, २९, जून २०२७05:10 AM09:48 PM
गुरु, १, जुलै २०२७07:31 PM05:11 AM (२ जुलै)
शुक्र, २, जुलै २०२७05:11 AM03:23 PM
सोम, ५, जुलै २०२७09:19 AM05:12 AM (६ जुलै)
मंगळ, ६, जुलै २०२७05:12 AM06:34 AM
शुक्र, ९, जुलै २०२७11:16 PM05:14 AM (१० जुलै)
शनि, १०, जुलै २०२७05:14 AM12:37 PM
मंगळ, १३, जुलै २०२७01:22 AM (१४ जुलै)05:16 AM (१४ जुलै)
बुध, १४, जुलै २०२७05:16 AM01:10 PM
सोम, १९, जुलै २०२७11:48 PM05:18 AM (२० जुलै)
मंगळ, २०, जुलै २०२७05:18 AM05:19 AM (२१ जुलै)
बुध, २१, जुलै २०२७05:19 AM04:47 AM (२२ जुलै)
शुक्र, २३, जुलै २०२७01:53 AM (२४ जुलै)05:20 AM (२४ जुलै)
शनि, २४, जुलै २०२७05:20 AM08:41 AM
रवि, २५, जुलै २०२७09:53 AM05:21 AM (२६ जुलै)
सोम, २६, जुलै २०२७05:21 AM10:25 AM
गुरु, २९, जुलै २०२७05:23 AM05:13 AM (३० जुलै)
शुक्र, ६, ऑग २०२७07:33 AM12:23 AM (७ ऑग)
शनि, ७, ऑग २०२७11:01 PM05:28 AM (८ ऑग)
मंगळ, १०, ऑग २०२७11:28 PM05:29 AM (११ ऑग)
बुध, ११, ऑग २०२७05:29 AM09:14 AM
शनि, १४, ऑग २०२७05:20 PM05:31 AM (१५ ऑग)
रवि, १५, ऑग २०२७05:31 AM07:54 AM
बुध, १८, ऑग २०२७03:16 PM05:15 AM (१९ ऑग)
शुक्र, २०, ऑग २०२७07:39 AM06:53 PM
शनि, २१, ऑग २०२७08:05 PM05:34 AM (२२ ऑग)
रवि, २२, ऑग २०२७05:34 AM08:45 PM
गुरु, २६, ऑग २०२७05:39 PM05:36 AM (२७ ऑग)
शुक्र, २७, ऑग २०२७05:36 AM10:22 AM
रवि, २९, ऑग २०२७09:36 AM03:45 AM (३० ऑग)
गुरु, २, सप्टें २०२७05:36 PM05:39 AM (३ सप्टें)
शुक्र, ३, सप्टें २०२७05:39 AM02:19 PM
शनि, ४, सप्टें २०२७12:26 PM02:49 PM
सोम, ६, सप्टें २०२७02:59 PM05:40 AM (७ सप्टें)
मंगळ, ७, सप्टें २०२७05:40 AM11:28 AM
शुक्र, १०, सप्टें २०२७11:50 PM05:42 AM (११ सप्टें)
शनि, ११, सप्टें २०२७05:42 AM07:36 PM
रवि, १२, सप्टें २०२७10:13 PM05:42 AM (१३ सप्टें)
सोम, १३, सप्टें २०२७05:42 AM12:40 AM (१४ सप्टें)
शुक्र, १७, सप्टें २०२७05:52 AM05:44 AM (१८ सप्टें)
शनि, १८, सप्टें २०२७05:44 AM05:45 AM (१९ सप्टें)
रवि, १९, सप्टें २०२७05:45 AM07:09 AM
बुध, २२, सप्टें २०२७05:52 AM04:37 AM (२३ सप्टें)
शनि, २५, सप्टें २०२७02:27 PM05:47 AM (२६ सप्टें)
रवि, २६, सप्टें २०२७05:47 AM12:38 PM
शुक्र, १, ऑक्टो २०२७05:49 AM12:49 AM (२ ऑक्टो)
रवि, ३, ऑक्टो २०२७01:28 AM (४ ऑक्टो)05:51 AM (४ ऑक्टो)
सोम, ४, ऑक्टो २०२७05:51 AM12:44 AM (५ ऑक्टो)
शनि, ९, ऑक्टो २०२७09:02 AM05:53 AM (१० ऑक्टो)
रवि, १०, ऑक्टो २०२७05:53 AM05:54 AM (११ ऑक्टो)
सोम, ११, ऑक्टो २०२७05:54 AM02:09 PM
मंगळ, १२, ऑक्टो २०२७04:14 PM06:55 PM
शनि, १६, ऑक्टो २०२७07:13 PM11:59 PM
मंगळ, १९, ऑक्टो २०२७04:42 PM05:58 AM (२० ऑक्टो)
बुध, २०, ऑक्टो २०२७05:58 AM03:18 PM
बुध, २७, ऑक्टो २०२७01:00 PM10:50 PM
रवि, ३१, ऑक्टो २०२७09:31 AM06:05 AM (१ नोव्हें)
सोम, १, नोव्हें २०२७06:05 AM09:57 AM
गुरु, ४, नोव्हें २०२७09:38 PM06:07 AM (५ नोव्हें)
शुक्र, ५, नोव्हें २०२७06:07 AM12:09 AM (६ नोव्हें)
रवि, ७, नोव्हें २०२७05:24 AM (८ नोव्हें)06:09 AM (८ नोव्हें)
सोम, ८, नोव्हें २०२७06:09 AM03:14 AM (९ नोव्हें)
बुध, १०, नोव्हें २०२७06:11 AM09:11 AM
गुरु, ११, नोव्हें २०२७10:07 AM06:12 AM (१२ नोव्हें)
शुक्र, १२, नोव्हें २०२७06:12 AM10:21 AM
सोम, १५, नोव्हें २०२७07:28 AM06:15 AM (१६ नोव्हें)
मंगळ, १६, नोव्हें २०२७06:15 AM03:42 AM (१७ नोव्हें)
शुक्र, १९, नोव्हें २०२७09:20 PM12:27 AM (२० नोव्हें)
मंगळ, २३, नोव्हें २०२७07:43 PM06:21 AM (२४ नोव्हें)
बुध, २४, नोव्हें २०२७06:21 AM12:11 PM
गुरु, २५, नोव्हें २०२७10:51 AM06:17 PM
गुरु, २, डिसें २०२७01:44 PM06:27 AM (३ डिसें)
शुक्र, ३, डिसें २०२७06:27 AM04:13 PM
शनि, ४, डिसें २०२७06:56 PM06:28 AM (५ डिसें)
रवि, ५, डिसें २०२७06:28 AM09:37 PM
मंगळ, ७, डिसें २०२७01:51 AM (८ डिसें)06:30 AM (८ डिसें)
बुध, ८, डिसें २०२७06:30 AM06:31 AM (९ डिसें)
गुरु, ९, डिसें २०२७06:31 AM03:20 AM (१० डिसें)
गुरु, १६, डिसें २०२७09:13 AM01:22 PM
मंगळ, २१, डिसें २०२७12:35 AM (२२ डिसें)06:39 AM (२२ डिसें)
बुध, २२, डिसें २०२७06:39 AM12:09 AM (२३ डिसें)
शुक्र, २४, डिसें २०२७12:50 AM (२५ डिसें)06:40 AM (२५ डिसें)
शनि, २५, डिसें २०२७06:40 AM11:32 PM
बुध, २९, डिसें २०२७07:25 AM06:42 AM (३० डिसें)
गुरु, ३०, डिसें २०२७06:42 AM06:43 AM (३१ डिसें)
शुक्र, ३१, डिसें २०२७06:43 AM08:12 AM

मालमत्ता खरेदी करणे हा आयुष्यातील अत्यंत महत्त्वाच्या निर्णयांपैकी एक असतो. मग तो भूखंड असो, फ्लॅट असो, घर असो किंवा व्यावसायिक मालमत्ता, हा व्यवहार एक दीर्घकालीन वचनबद्धता असतो. वैदिक परंपरेनुसार, खरेदी किंवा नोंदणीची वेळ अत्यंत महत्त्वाची मानली जाते, कारण त्याचा परिणाम मालमत्तेची स्थिरता, वाढ आणि भविष्यातील शांततापूर्ण उपभोगावर होतो.

मालमत्ता खरेदीचा मुहूर्त पंचांगावरून असा निवडला जातो की ज्यामुळे वार, तिथी आणि नक्षत्र हे स्थैर्य आणि समृद्धीला पूरक ठरतील. जेव्हा हे घटक एकत्रित येतात आणि अशुभ काळ टाळला जातो, तेव्हा ही खरेदी अधिक फलदायी मानली जाते.

मालमत्तेसाठी मुहूर्त का महत्त्वाचा आहे?

मालमत्ता ही एक स्थावर मालमत्ता आहे, ज्याचे नियंत्रण कुंडलीतील प्रामुख्याने चतुर्थ भाव (सुखस्थान) आणि नैसर्गिक कारक ग्रह मंगळ (जमीन आणि बांधकाम), शुक्र (सुख-सुविधा आणि सौंदर्य) आणि शनी (दीर्घायुष्य आणि संरचना) यांनी केले जाते. त्यामुळे, शास्त्रीय ग्रंथांमध्ये अशा संयोजनांना प्राधान्य दिले जाते जे वेगापेक्षा स्थिरता, भक्कमपणा आणि दीर्घकालीन मूल्यावर भर देतात.

जमीन खरेदी करणे, फ्लॅटची नोंदणी करणे किंवा घराची खरेदी निश्चित करणे यासाठीही हेच मूलभूत सिद्धांत लागू होतात, जरी काही परंपरांमध्ये निवासी आणि व्यावसायिक मालमत्तेत सूक्ष्म फरक केला जातो.

मालमत्ता खरेदीच्या शुभ मुहूर्तासाठी शास्त्रीय मार्गदर्शक तत्त्वे

शुभ वार

सोमवार, बुधवार, गुरुवार आणि शुक्रवार यांना सर्वाधिक पसंती दिली जाते. गुरुवार (गुरू) विस्तार आणि दीर्घकालीन फायद्यासाठी पोषक असतो, तर शुक्रवार (शुक्र) सुख-सुविधा आणि सौंदर्यासाठी शुभ असतो. मंगळवार आणि शनिवारबाबत अधिक खबरदारी घेतली जाते, तरीही इतर अनुकूल घटक असल्यास काही परंपरांमध्ये हे वार स्वीकारले जातात. इतर सर्व घटक शुभ असल्यास अनेक पद्धतींमध्ये रविवार मान्य असतो.

शुभ तिथी

द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी आणि त्रयोदशी या तिथी प्रामुख्याने शिफारस केल्या जातात. मालमत्तेशी संबंधित मोठ्या आर्थिक व्यवहारांसाठी अमावस्या, पौर्णिमा आणि रिक्त तिथी (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) सामान्यतः टाळल्या जातात.

शुभ नक्षत्रे

स्थिर (ध्रुव) आणि मृदू नक्षत्रांना प्राधान्य दिले जाते कारण ती कायमस्वरूपी स्थिरता आणि वृद्धीला पाठिंबा देतात. सर्वाधिक शिफारस केलेली नक्षत्रे खालीलप्रमाणे आहेत:

- रोहिणी

- मृगशिर

- पुष्य

- उत्तरा फाल्गुनी

- हस्त

- चित्रा

- अनुराधा

- उत्तराषाढा

- श्रवण

- धनिष्ठा

- उत्तरा भाद्रपदा

- रेवती

यापैकी तीन उत्तरा नक्षत्रे (उत्तरा फाल्गुनी, उत्तराषाढा, उत्तरा भाद्रपदा) आणि रोहिणी हे विशेषतः स्थिरता आणि भक्कम पायासाठी मौल्यवान मानले जातात. पुष्य नक्षत्र कोणत्याही प्रकारच्या खरेदीसाठी अत्यंत शुभ मानले जाते.

टाळायचे काळ

राहू काळ, यमगंडा आणि गुलिक काळ टाळला जातो. विष्टि करण (भद्रा) सामान्यतः वर्ज्य असते. काही परंपरांमध्ये ग्रहांच्या प्रतिकूलतेचा काळ आणि गुरू किंवा शुक्र अस्त असतानाची वेळ देखील टाळली जाते.

मुहूर्ताची प्रत्यक्ष अंमलबजावणी कशी करावी?

मुहूर्ताची गणना स्थानिक सूर्योदयापासून पुढील सूर्योदयापर्यंत केली जाते, त्यामुळे भौगोलिक स्थानानुसार अचूक वेळ बदलत असते. एका शहरात शुभ असलेली वेळ दुसऱ्या शहरात वेगळी असू शकते. म्हणूनच, स्थान-विशिष्ट अचूक गणना करणे आवश्यक असते.

शुभ दिवसात, चोगडिया (अमृत, शुभ किंवा लाभला प्राधान्य) किंवा होराचा वापर करून वेळेची अधिक अचूक निवड करता येते. कागदपत्रांवर स्वाक्षरी करणे, नोंदणी पूर्ण करणे किंवा पेमेंट करणे यांसारख्या औपचारिक कृती निवडलेल्या शुभ वेळेत करणे श्रेयस्कर असते.

अनेक कुटुंबे निवडलेल्या दिवशी किंवा त्याजवळच साधी भूमिपूजा किंवा वास्तु-संबंधित विधी करतात, जेणेकरून त्या जागेसाठी किंवा वास्तूसाठी आशीर्वाद मिळावेत.

इतर विधींशी असलेला फरक

मालमत्ता खरेदी मुहूर्त हा मालमत्तेच्या कायदेशीर आणि आर्थिक संपादनाशी संबंधित असतो. तो खालील विधींपेक्षा वेगळा आहे:

- भूमिपूजन – बांधकाम सुरू करण्यापूर्वी केली जाणारी जमीन शुद्धीकरण किंवा पायाभरणीची पूजा.

- गृहप्रवेश – पूर्ण झालेल्या घरातून केली जाणारी औपचारिक पहिली प्रवेश विधी.

या प्रत्येकाचे स्वतःचे शास्त्रीय निकष आहेत, जरी शुभ नक्षत्र आणि तिथींमध्ये काही साम्य असू शकते. प्रक्रियेच्या विशिष्ट टप्प्यासाठी योग्य मुहूर्त वापरणे महत्त्वाचे मानले जाते.

व्यावहारिक विचार

शुभ मुहूर्त हा केवळ पूरक असतो, तो कायदेशीर तपासाची जागा घेऊ शकत नाही. मालमत्तेचे टायटल क्लिअर असणे, योग्य कागदपत्रे, बांधकामाची तपासणी, कायदेशीर पडताळणी आणि आर्थिक तयारी या गोष्टी अत्यंत आवश्यक आहेत. मुहूर्त हा व्यावहारिक पावलांमधील एक आध्यात्मिक आधार आहे.

जे अधिक सखोल विश्लेषण करू इच्छितात, त्यांच्यासाठी व्यक्तीची जन्मकुंडली, विशेषतः चतुर्थ भाव, त्याचा स्वामी आणि संबंधित ग्रहांची दशा तपासून पाहता येते. मात्र, बहुतेक प्रकरणांमध्ये, दैनंदिन पंचांगावर आधारित सामान्य शुभ मुहूर्त पुरेसा मानला जातो.

ही परंपरा का सुरू आहे?

मालमत्ता खरेदीसाठी शुभ वेळ निवडणे हे या पारंपरिक दृष्टिकोनाचे प्रतिबिंब आहे की, सुरुवातीचा काळ भविष्यावर प्रभाव पाडतो. योग्य वेळी केलेली सुरुवात दीर्घकालीन स्थिरता, वादांचा अभाव आणि मालमत्तेचा अधिक सुखद उपभोग देणारी असते असे मानले जाते.

स्थान-विशिष्ट मालमत्ता खरेदी मुहूर्त गणनामुळे वार, तिथी आणि नक्षत्र या शास्त्रीय निकषांचा आदर करून वर्षभरातील योग्य वेळ शोधणे शक्य होते. जेव्हा हे सर्व घटक एकत्र येतात, तेव्हा तुम्ही अधिक आत्मविश्वासाने आणि सकारात्मकतेने मालमत्तेची खरेदी करू शकता.

वेळ तुमच्या शहरावर कशी अवलंबून असते?

प्रत्येक मुहूर्त त्या दिवसाच्या वाऱ्याशी (सूर्योदयापासून पुढील सूर्योदयापर्यंत) जोडलेला असतो, त्यामुळे तुमच्या स्थानिक सूर्योदयानुसार याची सुरुवात आणि शेवटची वेळ बदलते. अचूक वेळ पाहण्यासाठी कृपया तुमचे शहर निवडा.

नेहमी विचारले जाणारे प्रश्न

द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी आणि त्रयोदशी या तिथी शुभ मानल्या जातात; तर अमावस्या, पौर्णिमा आणि रिक्त तिथी टाळणे योग्य ठरेल.

हो. प्रत्येक कालखंडाची गणना तुमच्या स्थानिक सूर्योदयापासून केली जाते, त्यामुळे ठिकाणानुसार त्याची सुरुवात आणि समाप्तीची वेळ बदलू शकते. अचूक वेळेसाठी कृपया वर तुमचे शहर निवडा.

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