महत्व
चैत्र नवरात्रि (वासंतिक नवरात्रि) दो प्रमुख नवरात्रियों में एक है। यह चैत्र शुक्ल प्रतिपदा — गुड़ी पड़वा एवं उगादी वाले दिन — को हिंदू नववर्ष का आरंभ करती है तथा देवी दुर्गा को समर्पित नौ दिन है।
इसका समापन नवमी को राम नवमी — भगवान राम के जन्म — पर होता है।
विधि
पर्व घटस्थापना एवं जौ बोने से आरंभ होकर नौ दिन उपवास, दुर्गा पूजा एवं दुर्गा सप्तशती पाठ होता है। प्रतिदिन नवदुर्गा के स्वरूप की पूजा होती, अंत में कन्या पूजन एवं राम नवमी होती है।
तिथियाँ कैसे तय होती हैं
चैत्र नवरात्रि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से नवमी (राम नवमी) तक नौ लगातार रातें चलती है; घटस्थापना मुहूर्त प्रथम दिन आपके नगर हेतु दिया है।