अभिजित मुहूर्त क्या है?
अभिजित ("विजयी") दिन के पंद्रह मुहूर्तों में आठवाँ है — वह जो मध्याह्न में पड़ता है। यह स्थानीय दोपहर से लगभग 24 मिनट पूर्व आरंभ होकर लगभग 24 मिनट बाद समाप्त होता है, अर्थात लगभग 48 मिनट की अवधि, जिसे दिन का सर्वाधिक शुभ मुहूर्त माना जाता है। परंपरा कहती है कि अभिजित में आरंभ किया कार्य प्रायः असफल नहीं होता, अतः जब कोई अन्य मुहूर्त तय न हो तो यह सहज "पूर्वनिर्धारित" मुहूर्त बन जाता है।
यह कब शुभ है — और कब नहीं?
अभिजित बुधवार को छोड़कर प्रत्येक वार शुभ है; बुधवार को इसका लाभ निष्फल कहा जाता है। दक्षिण दिशा की यात्रा हेतु भी इसे परंपरागत रूप से टाला जाता है। शेष सब कार्यों — व्यापार आरंभ, पूजा, क्रय या गृह-प्रवेश, अनुबंध — के लिए, जब पूर्ण मुहूर्त उपलब्ध न हो, यह एक विश्वसनीय समय है।
समय कैसे तय होता है
चूँकि अभिजित स्थानीय मध्याह्न (सूर्योदय-सूर्यास्त का मध्यबिंदु) से मापा जाता है, इसका सटीक आरंभ और अंत आपके स्थान एवं तिथि से बदलता है — दोपहर स्वयं वर्ष भर तथा देशांतर अनुसार घड़ी में खिसकती है। समय आपके नगर के अनुसार हो, इसके लिए ऊपर अपना स्थान चुनें।
अभिजित मुहूर्त का उपयोग
सुनिश्चित करें कि यह समय दिन के अशुभ काल — राहु काल, यमगंड और गुलिक — से मुक्त है, और इसे दिन के पंचांग, चौघड़िया तथा दो घटी मुहूर्त के साथ पढ़ें।