दो घटी मुहूर्त

मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 · Varanasi
🌅 सूर्योदय 6:03 AM🌇 सूर्यास्त 5:21 PM
दिन मुहूर्त
रुद्र
6:03 AM – 6:48 AMत्याग
अहि
6:48 AM – 7:33 AMत्याग
मित्र
7:33 AM – 8:18 AMशुभ
पितृ
8:18 AM – 9:04 AMत्याग
वसु
9:04 AM – 9:49 AMशुभ
वार
9:49 AM – 10:34 AMशुभ
विश्वेदेव
10:34 AM – 11:19 AMशुभ
अभिजित
11:19 AM – 12:04 PMशुभ
सतमुखी
12:04 PM – 12:50 PMशुभ
पुरुहूत
12:50 PM – 1:35 PMत्याग
वाहिनी
1:35 PM – 2:20 PMत्याग
नक्तनकरा
2:20 PM – 3:05 PMत्याग
वरुण
3:05 PM – 3:51 PMशुभ
अर्यमा
3:51 PM – 4:36 PMशुभ
भग
4:36 PM – 5:21 PMत्याग
रात्रि मुहूर्त
गिरीश
5:21 PM – 6:12 PMशुभ
अजपाद
6:12 PM – 7:03 PMत्याग
अहिर्बुध्न्य
7:03 PM – 7:53 PMशुभ
पूषा
7:53 PM – 8:44 PMशुभ
अश्विनी
8:44 PM – 9:35 PMशुभ
यम
● अभी9:35 PM – 10:26 PMत्याग
अग्नि
10:26 PM – 11:16 PMशुभ
विधातृ
11:16 PM – 12:07 AMशुभ
कण्ड
12:07 AM – 12:58 AMशुभ
अदिति
12:58 AM – 1:49 AMशुभ
जीव
1:49 AM – 2:40 AMशुभ
विष्णु
2:40 AM – 3:30 AMशुभ
द्युमान
3:30 AM – 4:21 AMशुभ
ब्रह्म
4:21 AM – 5:12 AMशुभ
समुद्र
5:12 AM – 6:03 AMशुभ

दो घटी मुहूर्त क्या है?

घटी लगभग 24 मिनट की वैदिक समय इकाई है, अतः दो घटी लगभग 48 मिनट होती है। इस पद्धति में सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 15 मुहूर्तों में और सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक की रात्रि को अन्य 15 में बाँटा जाता है — पूरे अहोरात्र में तीस मुहूर्त, प्रत्येक लगभग दो घटी का। हर मुहूर्त का एक निश्चित शास्त्रीय नाम और परंपरागत स्वभाव — शुभ या अशुभ — होता है।

दिन एवं रात्रि के मुहूर्त

पंद्रह दिन-मुहूर्त सूर्योदय से क्रम में चलते हैं — रुद्र, अहि, मित्र, पितृ, वसु, वार, विश्वेदेव, अभिजित, सतमुखी, पुरुहूत, वाहिनी, नक्तनकरा, वरुण, अर्यमा और भग। आठवाँ अभिजित मध्याह्न में पड़ता है और सर्वाधिक प्रसिद्ध है — लगभग हर कार्य हेतु शुभ (यद्यपि बुधवार को इसे टाला जाता है)। पंद्रह रात्रि-मुहूर्त सूर्यास्त से चलते हैं — गिरीश, अजपाद, अहिर्बुध्न्य, पूषा, अश्विनी, यम, अग्नि, विधातृ, कण्ड, अदिति, जीव, विष्णु, द्युमान, ब्रह्म और समुद्र। प्रातःकाल का ब्रह्म मुहूर्त पूजा एवं अध्ययन हेतु विशेष शुभ है।

समय कैसे तय होता है

चूँकि दिन और रात्रि प्रत्येक पंद्रह बराबर भागों में बँटते हैं, मुहूर्त की अवधि आपके स्थान और तिथि पर दिन/रात की लंबाई पर निर्भर करती है — ग्रीष्म में दिन-मुहूर्त लंबा, शीत में छोटा। समय आपके नगर के अनुसार हो, इसके लिए ऊपर अपना स्थान चुनें।

दो घटी मुहूर्त का उपयोग

दिन के अशुभ समय — राहु काल, यमगंड और गुलिक — से मुक्त शुभ मुहूर्त चुनें, और इसे दिन के पंचांग, चौघड़िया तथा होरा के साथ पढ़ें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यह दिन का 30 मुहूर्तों में शास्त्रीय विभाजन है — 15 सूर्योदय से और 15 सूर्यास्त से — प्रत्येक लगभग दो घटी (~48 मिनट) का और प्रत्येक का एक नामित शुभ या अशुभ स्वभाव।

लगभग 48 मिनट (दो घटी), पर यह आपके स्थान पर दिन/रात की लंबाई से बदलता है, क्योंकि दिन और रात्रि प्रत्येक 15 बराबर भागों में बँटते हैं।

अभिजित — मध्याह्न का आठवाँ दिन-मुहूर्त — सर्वाधिक प्रसिद्ध है और लगभग हर कार्य हेतु उपयुक्त (बुधवार को टाला जाता है)। प्रातःकाल का ब्रह्म मुहूर्त पूजा एवं अध्ययन हेतु शुभ है।

हाँ — यह स्थानीय सूर्योदय-सूर्यास्त से मापा जाता है, इसलिए मुहूर्त समय स्थान और तिथि से भिन्न होते हैं। ऊपर अपना स्थान चुनें।

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